पलामू: पलामू पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क पर एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके शूटर शाहरुख अली को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से मेदिनीनगर में एक बड़ी आपराधिक वारदात टल गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शाहरुख अली मेदिनीनगर शहर में एक सोना कारोबारी की दुकान पर फायरिंग करने की योजना बना रहा था। इस वारदात की साजिश विदेश से रची जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में शाहरुख का भांजा मोहम्मद आतिफ भी शामिल है, जो वर्तमान में कुवैत में रह रहा है। इस बात की पुष्टि खुद पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने प्रेस को जानकारी देते हुए की।
दरअसल, पलामू पुलिस क्षेत्र में नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही युवक भागने लगा, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में उसकी पहचान शाहरुख अली के रूप में हुई, जो मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र के पहाड़ी मोहल्ला का निवासी है।
पुलिस पूछताछ में शाहरुख ने खुलासा किया कि वह गैंगस्टर प्रिंस खान के निर्देश पर सोना कारोबारी रंजीत सोनी के प्रतिष्ठान पर फायरिंग करने वाला था। पुलिस के अनुसार, प्रिंस खान ने कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं मिलने की स्थिति में दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की योजना बनाई गई थी।
एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि इस मामले में पहले ही 25 दिसंबर को प्रिंस खान के दो अन्य शूटर मोहम्मद नाजीम और मुर्तजा अंसारी को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके पकड़े जाने के बाद गैंग के सरगना ने शाहरुख अली को वारदात को अंजाम देने का जिम्मा सौंपा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि शाहरुख का भांजा मोहम्मद आतिफ कुवैत से प्रिंस खान के संपर्क में था और उसी के माध्यम से शाहरुख तक निर्देश पहुंचाए जा रहे थे। आतिफ के कहने पर ही शाहरुख ने करीब 30 हजार रुपये में हथियार खरीदा था। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के जरिए भी गैंग की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था, जहां शाहरुख और आतिफ दोनों ने प्रिंस खान से जुड़े कई पोस्ट साझा किए थे।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी की जा सकती है।














