रांची: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार शुक्रवार (16 जनवरी) को कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड में स्लीपर बसों की सघन जांच अभियान चलाया गया। यह जांच उप परिवहन आयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, राँची श्री हरविंश पंडित, मोटरयान निरीक्षक श्री विमल किशोर सिंह तथा जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
जांच का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के वाद के आलोक में यात्री बसों के बॉडी निर्माण में CIRT (Central Institute of Road Transport) की सिफारिशों का अनुपालन सुनिश्चित करना, FDSS (Fire Detection and Suppression System) की उपलब्धता, CMVR 1989, AIS:052 एवं AIS:119 मानकों तथा वाहनों की फिटनेस प्रावधानों का पूर्ण पालन कराना था।
CIRT द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश
सभी स्लीपर बस ऑपरेटरों के लिए निम्नलिखित निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य किया गया
• सभी स्लीपर कोचों को वापस बुलाकर ड्राइवर पार्टीशन दरवाजे को तुरंत हटाना।
• स्लीपर बर्थ में लगे सभी स्लाइडर को हटाना।
• सभी स्लीपर बसों में FDSS लगाने के लिए एक माह की समय-सीमा।
• प्रत्येक बस में न्यूनतम 10 किलोग्राम का फायर एक्सटिंग्विशर (ग्रीन जोन में) उपलब्ध होना।
• चेसिस में एक्सटेंशन लगाकर बनाई गई बस बॉडी को तुरंत संचालन से हटाना।
• सभी प्रकार की बसों का पंजीकरण केवल अप्रूव्ड टेस्ट एजेंसी की स्वीकृति के साथ फॉर्म 22/22A के माध्यम से करना।
• बस रजिस्ट्रेशन के साथ लेआउट ड्राइंग (डाइमेंशन, दरवाजों की स्थिति, इमरजेंसी एग्जिट, रूफ हैच सहित) संलग्न करना।
• बस बॉडी के पंजीकरण के समय बॉडी बिल्डर की मान्यता की वैधता की जांच करना।
21 वाहनों की जांच, नोटिस जारी
अभियान के दौरान कुल 21 स्लीपर बसों की जांच की गई। जांच में CIRT निर्देशों का अनुपालन नहीं करने वाले वाहनों को नोटिस जारी किया गया। साथ ही सभी वाहन चालकों एवं सहायकों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने की मौखिक हिदायत दी गई।
बस मालिकों के साथ बैठक
खादगढ़ा बस स्टैंड पर उपस्थित वाहन मालिकों के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें CIRT द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों के अनुपालन पर जोर दिया गया। बैठक में वाहन स्वामियों ने निर्देशों के पूर्ण पालन पर सहमति व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार समयबद्ध तरीके से करने का आश्वासन दिया।
यह अभियान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा राज्य सरकार की सुरक्षा नीतियों के अनुरूप है, जिसमें यात्रियों के जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिवहन विभाग द्वारा आगे भी ऐसे जांच अभियान जारी रखे जाएंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।











