उपायुक्त शशि रंजन का कहना है कि नदी किनारे आयोजन करने से नदी का इकोसिस्टम प्रभावित होने का खतरा है। इस कारण वन एवं पर्यावरण विभाग की अनापत्ति जरूरी है। कार्यक्रम स्थल की मिट्टी के बलुआही प्रकृति होने के कारण पंडाल के स्ट्रक्चर के धंसने का खतरा है। इस कारण वहां की मिट्टी जांच के लिए टीम गठित की गई है।
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Akash Lohra
September 22, 2026







