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भारत का नागरिक बनने से पहले ही वोटर लिस्ट में जुड़ा सोनिया गांधी का नाम, बीजेपी का बड़ा आरोप

On: August 13, 2025 7:20 PM
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नई दिल्ली: बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन को लेकर राजनीतिक विवाद गरमा गया है। राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाए। जवाब में, बीजेपी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर गंभीर आरोप लगाया है। बीजेपी का दावा है कि 1980 से 1982 तक दिल्ली की मतदाता सूची में सोनिया गांधी का नाम था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता 1983 में ली थी।

भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने आरोप लगाते हुए दावा किया है कि SIR पर हल्ला करने वाले राहुल गांधी की मां और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी भारत की नागरिक बनने से पहले ही यहां की वोटर बन गईं थीं। सोशल मीडिया एक्स पर लिखे एक पोस्ट में अमित मालवीय ने दावा किया, “सोनिया गांधी का नाम भारत की मतदाता सूची में जोड़े जाने के चुनावी कानूनों के घोर उल्लंघनों से भरा हुआ है। शायद यही कारण है कि राहुल गांधी अयोग्य और अवैध मतदाताओं को नियमित करने के पक्ष में हैं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध कर रहे है।”

अमित मालवीय के अनुसार, ”सोनिया गांधी का नाम पहली बार 1980 में मतदाता सूची में जोड़ा गया, जबकि उस वक्त उनके पास इटली की नागरिकता थी और वह भारत की नागरिक नहीं थीं। उस समय, गांधी परिवार 1, सफदरजंग रोड, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आधिकारिक निवास पर रहता था। उस समय तक, उस पते पर पंजीकृत मतदाता इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी और मेनका गांधी थे।” उन्होंने कहा कि नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में 1 जनवरी, 1980 को अर्हता तिथि मानकर संशोधन किया गया था। इस संशोधन के दौरान, सोनिया गांधी का नाम मतदान केंद्र 145 के क्रमांक 388 पर जोड़ दिया गया। मालवीय ने आरोप लगाया, “यह प्रविष्टि उस कानून का स्पष्ट उल्लंघन है जो मतदाता पंजीकरण के लिए भारतीय नागरिकता अनिवार्य करता है। 1982 में भारी विरोध के बाद, उनका नाम हटा दिया गया, लेकिन 1983 में यह फिर से जोड़ा गया।”

अमित मालवीय ने बताया कि उस वर्ष हुए नए संशोधन में, सोनिया गांधी का नाम मतदान केंद्र 140 में क्रम संख्या 236 पर दर्ज हुआ, जिसकी 1 जनवरी, 1983 योग्यता तिथि मानी गई थी, जबकि उन्हें भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल, 1983 को ही मिली थी। उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) का नाम मूल नागरिकता की आवश्यकता पूरी किए बिना दो बार मतदाता सूची में दर्ज हुआ, पहली बार 1980 में एक इटली नागरिक के रूप में और फिर 1983 में कानूनी रूप से भारत की नागरिक बनने से कुछ महीने पहले।”

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