
जमशेदपुर:सलगाझुड़ी रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेनों का ठहराव पुनः बहाल करने एवं वर्षों से लंबित यात्री सुविधाओं का निर्माण पूरा कराने की मांग को लेकर संयुक्त ग्राम समन्वय समिति, जमशेदपुर के मुख्य संयोजक राम सिंह मुंडा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को ई-मेल के माध्यम से स्मरण-पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
श्री मुंडा ने कहा कि एक ओर रेलवे द्वारा नई ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सलगाझुड़ी जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर अक्टूबर 2025 से सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद होना क्षेत्र की जनता के साथ गंभीर अन्याय है। बादामपहाड़ से पुरी तक प्रस्तावित नई ट्रेन के 29 अक्टूबर से तथा टाटानगर से जयपुर तक नई ट्रेन के 26 अक्टूबर से परिचालन की जानकारी के बीच सलगाझुड़ी स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की अनदेखी रेलवे की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारियों की उदासीनता के कारण क्षेत्र की जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्या नई ट्रेनों की शुरुआत ही रेलवे की उपलब्धि है, जबकि पुराने स्टेशनों पर जनता को मिलने वाली बुनियादी रेल सुविधाएं छीन ली जाएं? रेलवे को इस सवाल का जवाब देना चाहिए।
श्री मुंडा ने कहा कि सलगाझुड़ी रेलवे स्टेशन का ऑनलाइन उद्घाटन 26 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से हुआ था। इसके बावजूद अक्टूबर 2025 से लोकल ट्रेनों का ठहराव बंद होने के कारण हजारों यात्रियों की दैनिक आवाजाही प्रभावित है। लगभग तीन लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र के दिहाड़ी मजदूरों, सब्जी विक्रेताओं, छोटे व्यवसायियों, नौकरीपेशा लोगों एवं विद्यार्थियों के लिए लोकल ट्रेनें आवागमन का महत्वपूर्ण साधन हैं। ठहराव बंद होने से उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं तथा रोजमर्रा की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए 28 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय को सात सूत्री मांग-पत्र भेजा गया था, जो 3 दिसंबर 2025 को कार्यालय में प्राप्त हुआ था। इसके अतिरिक्त, 25 नवंबर 2025 को चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को भी पत्र सौंपा गया था। इसके बावजूद अब तक समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं होना अत्यंत चिंताजनक है।
समिति की प्रमुख मांगें,सलगाझुड़ी स्टेशन पर सभी लोकल ट्रेनों का ठहराव पूर्ववत तत्काल बहाल किया जाए। स्टेशन से संबंधित लंबित अंडरब्रिज निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए।यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट काउंटर शुरू किया जाए।प्लेटफॉर्म एवं यात्रियों के लिए विश्राम शेड का निर्माण कराया जाए।सलगाझुड़ी से गोविंदपुर तक संपर्क पथ का निर्माण कराया जाए।बारीगोरा रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए।सभी लंबित यात्री सुविधाओं के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर उसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को दी जाए।
श्री मुंडा ने कहा कि केवल स्टेशन का उद्घाटन कर देना पर्याप्त नहीं है; स्टेशन पर नियमित रेल सेवाएं, सुरक्षित आवागमन और बुनियादी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्रालय से आग्रह किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेलवे विभाग ने इस गंभीर जनसमस्या पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया और लोकल ट्रेनों का ठहराव बहाल करने सहित लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो स्थानीय आम जनता, रेल यात्रियों एवं संयुक्त ग्राम समन्वय समिति के बैनर तले व्यापक, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
श्री मुंडा ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की जनता अपनी जायज रेल सुविधाओं के लिए लगातार उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगी। समिति जनहित के इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब रेलवे प्रशासन को जनता की परेशानी को समझते हुए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई करके दिखानी होगी।





