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रेप पीड़िता की पहचान छिपाने के नियम का सख्ती से हो पालन : सुप्रीम कोर्ट

On: March 28, 2026 8:00 PM
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नई दिल्ली: दुष्कर्म से जुड़े मामलों में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने इसे अत्यंत निंदनीय करार देते हुए सभी हाईकोर्ट को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी न्यायिक आदेश में पीड़िता या उसके परिवार की पहचान किसी भी रूप में उजागर न हो।

न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि वर्ष 2018 में दिए गए निपुण सक्सेना बनाम यूनियन ऑफ इंडिया फैसले में पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया, किसी भी माध्यम में दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद निचली अदालतों में इस दिशा में लापरवाही देखने को मिल रही है, जो चिंता का विषय है।

अदालत ने इस स्थिति के लिए न्यायिक तंत्र की उदासीनता और समाज में व्याप्त कलंक को लेकर पर्याप्त संवेदनशीलता की कमी को जिम्मेदार ठहराया। पीठ ने कहा कि इस तरह की चूक पीड़िताओं को दोबारा मानसिक पीड़ा और सामाजिक बहिष्कार का सामना करने के लिए मजबूर कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 1983 में भारतीय दंड संहिता (IPC) में संशोधन कर धारा 228A जोड़ी गई थी, जिसका उद्देश्य दुष्कर्म पीड़िताओं की पहचान को गोपनीय रखना है। इस प्रावधान के तहत पीड़िता की पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है। इससे पहले ऐसे मामलों में स्पष्ट कानूनी रोक नहीं होने के कारण पीड़िताओं को गंभीर सामाजिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती थी।

पीठ ने निर्देश दिया कि इस आदेश की प्रति देशभर के सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भेजी जाए, ताकि इस कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

यह टिप्पणी उस समय आई जब सुप्रीम कोर्ट हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के एक फैसले की समीक्षा कर रहा था, जिसमें नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को बरी कर दिया गया था। इस संदर्भ में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में मामूली विरोधाभासों को आधार बनाकर आरोपी को राहत नहीं दी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख को न्यायिक व्यवस्था में पीड़ितों की गरिमा और गोपनीयता की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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