काबुल/इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर उफान पर है। शुक्रवार देर रात स्पिन बोल्डक (कंधार)–चमन सीमा क्षेत्र में दोनों देशों की सुरक्षा बलों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जिसने हाल ही में शुरू हुई शांति पहलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, किसी भी पक्ष से हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संघर्ष ने सीमा पर रहने वाले हजारों लोगों में दहशत बढ़ा दी है।
यह मुठभेड़ उस समय हुई है, जब सप्ताह की शुरुआत में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता किसी ठोस परिणाम के बिना समाप्त हो गई थी। इन वार्ताओं का मकसद पिछले महीनों से चल रहे विवादों और बार-बार होने वाली झड़पों को रोकना था।
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने सीमा पार से पहले हमला किया और अफगान बलों को जवाब देने पर मजबूर होना पड़ा।
इसके उलट पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने कहा कि अफगान सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की और पाकिस्तानी चेकपोस्टों को निशाना बनाया।
अफगान न्यूज आउटलेट खुरासान मीडिया ने शुरुआती रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तान सेना 20 से ज्यादा चौकियों को छोड़कर भाग गई है। इस भीषण गोलीबारी के कारण सीमा के दोनों ओर रहने वाले सैकड़ों परिवारों को भी अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा है।
तनाव की जड़: आतंकवाद पर परस्पर आरोप
इस सीमा विवाद की मूल वजह पाकिस्तान का यह आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन पर सक्रिय चरमपंथी समूह पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं। काबुल इन आरोपों को बार-बार खारिज करता आया है और उन्हें “राजनीतिक दबाव” का हिस्सा बताता है।
सऊदी में हुई बैठक से भी नहीं निकला समाधान
मुठभेड़ से दो दिन पहले सऊदी अरब में कतर, तुर्की और सऊदी के मध्यस्थता प्रयासों के तहत एक बैठक हुई थी। यह बैठक अक्टूबर में हुई घातक झड़पों के बाद चल रही कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा थी, जिनमें दर्जनों लोग मारे गए थे और जिन्हें 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद सीमा पर हुई सबसे गंभीर हिंसा माना गया।
दोनों पक्ष उस समय एक नाजुक युद्धविराम को जारी रखने पर सहमत हुए थे, लेकिन नवीनतम गोलीबारी ने उस समझौते की स्थिरता पर गहरी चोट पहुंचाई है।
स्थानीय आबादी में चिंता बढ़ी
स्पिन बोल्डक–चमन मार्ग दोनों देशों के बीच व्यापार, यात्रियों और मानवीय आवाजाही का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। हालिया फायरिंग से सीमा पर आवाजाही फिर से प्रभावित हुई है, और लोगों में यह आशंका बढ़ गई है कि तनाव किसी बड़े संघर्ष में न बदल जाए।














