
गिरिडीह: जिले के गावां प्रखंड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जंगली बिरनियों का आतंक लोगों के लिए जानलेवा साबित रहा है। सितंबर महीने में बिरनियों के हमले में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आ रही है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग अब खेतों, जंगलों और सुनसान इलाकों में जाने से भी बचने लगे हैं।
ताजा घटना बीते गुरुवार की है। गावां प्रखंड के सांख गांव स्थित लक्ष्मीबथान टोला निवासी 42 वर्षीय साबिया देवी मवेशी चराने के लिए जंगल की ओर गई थीं। इसी दौरान जंगली बिरनियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में बिरनियों ने उन्हें कई जगह डंक मार दिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन आनन-फानन में साबिया देवी को बेलाटांड़ अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद आगे ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
साबिया देवी से पहले भी सितंबर महीने में बिरनी के हमलों में चार लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 2 सितंबर को बिरने निवासी सरकारी शिक्षक देवेन्द्र सिंह (58), 7 सितंबर को सिरी निवासी कालेश्वर यादव (80), 13 सितंबर को सेरुआ, गावां निवासी धनेश्वर यादव (75) और 15 सितंबर को पिहरा निवासी सदिक मियां (75) शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बिरनियों के बढ़ते हमलों के कारण रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। मवेशी चराने, खेतों में काम करने और जंगल से जरूरी सामान जुटाने के लिए जाने वाले लोगों में डर बना हुआ है। खासकर बुजुर्गों और अकेले जंगल की ओर जाने वाले ग्रामीणों में भय का माहौल है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले एक महीने में 150 से अधिक लोग बिरनी के हमलों में घायल हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार घटनाओं के बावजूद अब तक समस्या से निपटने के लिए प्रभावी स्तर पर ठोस पहल नहीं हुई है।
लगातार हो रहे हमलों से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के जरूरी उपाय किए जाएं और बिरनियों के हमलों से लोगों को बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में और लोगों की जान जा सकती है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर बिरनियों के आतंक से निजात दिलाने के लिए तत्काल ठोस एवं स्थायी कदम उठाने की मांग की है।







