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Open AI पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाने वाले सुचिर बालाजी, का शव फ्लैट में मिला,मचा हड़कंप

On: December 14, 2024 3:45 AM
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एजेंसी :ओपन AI पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा कर सुर्खियों में रहने वाले सुचिर बालाजी का उनके फ्लैट में शव मिलने से हड़कंप मच गया है।

आमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 26 वर्षीय सुचिर पहले OpenAI में रिसर्चर के तौर पर काम करते थे और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंपनी OpenAI के संचालन और उसके कामकाजी तरीके के खिलाफ सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते रहे थे।बालाजी ने OpenAI की पोल खोलते हुए कई बार कंपनी की नीतियों और उसके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले डेटा के बारे में चिंताएं जाहिर की थीं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालाजी ने पिछले कुछ दिनों से अपने दोस्तों और सहकर्मियों के फोन कॉल का जवाब नहीं दिया था और वह घर से बाहर भी नहीं निकले थे। जब उनके दोस्तों और सहकर्मियों ने उनकी चिंता जताई और उनके फ्लैट पर पहुंचे, तो दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद उन्होंने सैन फ्रांसिस्को पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और अंदर जाकर बालाजी का शव पाया।

सैन फ्रांसिस्को पुलिस विभाग ने कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला है और फिलहाल इस मामले में आत्महत्या का संदेह है। पुलिस ने इस मामले में और अधिक जानकारी देने से फिलहाल इनकार किया है।

OpenAI पर लगाए थे गंभीर आरोप

बालाजी ने सार्वजनिक रूप से OpenAI पर आरोप लगाए थे कि कंपनी अपने जनरेटिव एआई प्रोग्राम, ChatGPT को प्रशिक्षित करने के लिए बिना उचित अनुमति के कॉपीराइट सामग्री का उपयोग कर रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी तकनीकें जैसे ChatGPT इंटरनेट को नुकसान पहुंचा रही हैं, क्योंकि यह बिना किसी अधिकार के इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री का इस्तेमाल करती है।

उनके आरोपों ने OpenAI के खिलाफ कई मुकदमे जन्म दिए हैं, जिनमें लेखक, पत्रकार, और प्रोग्रामर शामिल हैं, जिन्होंने दावा किया है कि उनकी कॉपीराइटेड सामग्री का अवैध रूप से उपयोग किया गया है, जिससे कंपनी की एआई क्षमताओं में वृद्धि हुई है।

चार साल तक कंपनी में काम किया था

बालाजी ने 2020 में OpenAI जॉइन किया था और लगभग चार साल तक कंपनी में काम किया था। वह GPT-4 और WebGPT जैसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे थे, जिनसे कंपनी की खोज क्षमताओं में सुधार हुआ। उन्होंने AI के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया था, लेकिन उनकी सबसे बड़ी आलोचना इस बात को लेकर थी कि OpenAI अपनी तकनीकों का विकास करने के लिए दूसरों की सामग्री का गलत इस्तेमाल कर रहा है।

बालाजी की मौत उस समय हुई है जब OpenAI और उसकी साझेदार कंपनी Microsoft के खिलाफ कई कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे चल रहे हैं। मीडिया कंपनियों और व्यक्तिगत कलाकारों ने OpenAI पर अपनी सामग्री का गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इस बीच, बालाजी के निधन की खबर ने उनके दोस्त, सहकर्मी और परिवारवालों को शोक में डाल दिया है। OpenAI ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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