पीएम स्वनिधि योजना का विस्तार: रेहड़ी-पटरी वालों के लिए बड़ा तोहफा, अब मिलेगा ज्यादा लोन और क्रेडिट कार्ड; 2030 तक बढ़ाई गई योजना

On: August 27, 2025 7:16 PM

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नई दिल्ली: देश के करोड़ों रेहड़ी-पटरी वालों के लिए मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘पीएम स्वनिधि’ (PM SVANidhi) योजना को मार्च 2030 तक बढ़ाने और इसमें कई बड़े बदलावों की घोषणा की गई है। यह योजना अब और अधिक लाभकारी बन गई है, जिससे छोटे व्यापारियों की जिंदगी बदलने की उम्मीद है।
योजना की पृष्ठभूमि
कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान जब लाखों रेहड़ी-पटरी वालों का रोजगार ठप हो गया था, तब केंद्र सरकार ने 1 जून 2020 को ‘पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि)’ योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य था साहूकारों के महंगे कर्ज से उन्हें राहत देकर आसान शर्तों पर बैंक से वर्किंग कैपिटल लोन उपलब्ध कराना।
सरकार ने लोन की राशि में बदलाव करते हुए इसे और आकर्षक बनाया है:
पहला लोन – पहले ₹10,000 मिलता था, अब इसे बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया है।
दूसरा लोन – पहले ₹20,000 मिलता था, अब बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है।
तीसरा लोन – पहले की तरह ₹50,000 रहेगा।
सबसे बड़ा बदलाव: अब मिलेगा UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड
इस योजना का सबसे क्रांतिकारी कदम यह है कि जो लाभार्थी अपना दूसरा लोन समय पर चुका देंगे, उन्हें बैंक की ओर से UPI-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड मिलेगा। इससे उन्हें अचानक आने वाली जरूरतों के लिए तुरंत पैसा उपलब्ध होगा और साहूकारों पर निर्भरता खत्म होगी।
डिजिटल लेन-देन पर इनाम
डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए वेंडर्स को ₹1600 तक कैशबैक मिलेगा।
अब तक 47 लाख से अधिक लाभार्थी डिजिटल रूप से सक्रिय हो चुके हैं और उन्होंने 557 करोड़ से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन किए हैं।
योजना का दायरा बढ़ा
यह योजना अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जनगणना कस्बों और शहरी सीमा से लगे इलाकों (Peri-urban areas) में भी लागू किया जाएगा।
समग्र विकास पर जोर
सरकार का मकसद सिर्फ लोन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि वेंडर्स और उनके परिवारों का समग्र विकास करना है। इसके लिए:
‘स्वनिधि से समृद्धि’ अभियान को मजबूत किया जाएगा।
हर महीने ‘लोक कल्याण मेले’ लगाए जाएंगे, ताकि लाभार्थियों को उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना जैसी अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सके।
FSSAI के सहयोग से खाने-पीने का सामान बेचने वाले वेंडर्स को साफ-सफाई और फूड सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जाएगी।
अब तक की उपलब्धियां
68 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को लाभ मिला।
अब तक 96 लाख से अधिक लोन स्वीकृत।
लोन की कुल राशि ₹13,797 करोड़।
इस सफलता के लिए योजना को ‘प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार’ (2023) और ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए उत्कृष्टता पुरस्कार’ (2022) से नवाजा जा चुका है।
क्यों है यह मास्टरस्ट्रोक?
पीएम स्वनिधि योजना का 2030 तक विस्तार और इसमें किए गए नए बदलाव मोदी सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। यह कदम देश के सबसे छोटे व्यापारियों को आर्थिक मजबूती देने के साथ-साथ उन्हें डिजिटल इंडिया की मुख्यधारा से जोड़ेगा।
UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड और बढ़ा हुआ लोन उन्हें साहूकारों की पकड़ से बाहर निकालकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भागीदार बनाएगा।