फरीदाबाद: हरियाणा की फरीदाबाद स्थित नीमका जेल से एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की रविवार देर रात हत्या कर दी गई। जेल अधिकारियों के मुताबिक, हत्या का आरोप उसी बैरक में बंद मर्डर केस के आरोपी कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट पर है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अरुण चौधरी ने किसी नुकीली वस्तु से अब्दुल रहमान पर हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब दोनों कैदी हाई सिक्योरिटी बैरक में एक साथ बंद थे।
घटना की जानकारी मिलते ही मचा हड़कंप
वारदात की भनक लगते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी तुरंत बैरक में पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद मृत आतंकी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। जेल प्रशासन ने पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है, वहीं पुलिस भी हत्या के पीछे के कारणों की पड़ताल कर रही है।
गुजरात ATS ने किया था आतंकी को गिरफ्तार
20 वर्षीय अब्दुल रहमान को गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मार्च 2025 में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से दो बम बरामद किए गए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, अब्दुल रहमान अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। जांच में यह भी सामने आया था कि वह अयोध्या में राम मंदिर को उड़ाने की साजिश रच रहा था। रहमान के पास कुछ वीडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थीं। अब्दुल रहमान उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले का रहने वाला था और उसकी गतिविधियों को लेकर केंद्रीय एजेंसियां लंबे समय से निगरानी रखे हुए थीं।
हत्या आरोपी कैदी भी रहा है चर्चाओं में
अब्दुल रहमान की हत्या करने वाला आरोपी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट कोई नया नाम नहीं है। उसका नाम पहले भी चर्चित अक्षय शर्मा हत्याकांड में सामने आ चुका है। अरुण को पंजाब में हुई एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। बताया जाता है कि करीब दो साल पहले उसे कठुआ जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था, जहां वह हत्या के एक मामले में बंद था।
फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन मामले की हर पहलू से जांच कर रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हत्या के पीछे की असली वजह साफ हो पाएगी।









