खूंटी: जिले के कर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत गुयु गांव में रविवार देर शाम हुई सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अज्ञात अपराधियों ने कांग्रेस के कर्रा प्रखंड महासचिव और युवा आदिवासी नेता 25 वर्षीय सुमित तिग्गा की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
मृतक सुमित तिग्गा कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। संगठनात्मक कार्यों के साथ-साथ वे सामाजिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे, जिससे गांव और आसपास के क्षेत्रों में उनकी एक ऊर्जावान और सामाजिक रूप से सक्रिय युवा नेता के रूप में पहचान बनी हुई थी।
दोस्तों के साथ थे मौजूद, पीछे से मारी गोली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम सुमित तिग्गा अपने घर पर ही मौजूद थे। करीब साढ़े छह बजे उनके दो परिचित दोस्त उन्हें घर से बुलाकर गांव की ओर ले गए। इसके बाद वे गांव में अलाव ताप रहे थे। इसी दौरान लगभग आठ बजे किसी अज्ञात अपराधी ने पीछे से उन पर गोली चला दी। गोली लगते ही सुमित गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी गई। आनन-फानन में सुमित को इलाज के लिए रांची स्थित अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में जुटी, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही कर्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
कांग्रेस नेताओं और आदिवासी समाज में रोष
आदिवासी युवा नेता की हत्या को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं में गहरा गुस्सा है। आदिवासी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने इस जघन्य हत्याकांड की कड़ी निंदा की है और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। लोगों का कहना है कि सुमित तिग्गा जैसे सक्रिय और सामाजिक युवा की हत्या से न केवल संगठन बल्कि पूरे इलाके को अपूरणीय क्षति हुई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, सुमित तिग्गा का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। वे स्थानीय स्तर पर आदिवासी समाज के मुद्दों को लेकर सक्रिय थे और कांग्रेस संगठन में युवा चेहरे के रूप में उभर रहे थे।वहीं, इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।














