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हजारीबाग: जेल की सुरक्षा में सेंध, फरार हुए कैदी मामले में दो वार्डन सस्पेंड

On: January 2, 2026 4:45 PM
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हजारीबाग:झारखंड की टॉप सिक्योरिटी माने जाने वाली जय लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से सजायाफ्ता तीन कैदियों के फरार होने के मामले में जेल प्रशासन में एक्शन लेते हुए दो वार्डन को सस्पेंड कर दिया है।जेल प्रशासन ने प्रारंभिक जांच के बाद दो हेड वार्डन हरेंद्र महतो और उमेश सिंह को सस्पेंड कर दिया है। दोनों की ड्यूटी उस वार्ड में थी जहां से कैदी भागे। उन पर लापरवाही का आरोप है। जेल अधीक्षक सीपी सुमन ने इसकी पुष्टि की।

फरार कैदियों को पुलिस अभी तक उन्हें पकड़ नहीं पाई है। प्रशासन फरार कैदियों की तलाश में जुटा हुआ है। उनके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर छापेमारी की जा रही है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
जेल अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन ने बताया कि लोहसिंघना थाने में मामला दर्ज किया गया है। तीनों कैदियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 224 के तहत प्राथमिकी नंबर 196/2025 दर्ज की गई। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि बैरक नंबर 6 की खिड़की नंबर 4 की ग्रिल काटकर कैदी रात करीब 1:36 से 2:45 बजे के बीच फरार हुए। उच्च स्तरीय जांच चल रही है और विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है। फोरेंसिक टीम कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है।
हजारीबाग एसपी ने एसआईटी का गठन किया है। पांच अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं। इनमें धनबाद, रांची के अलावा एक टीम बिहार भी भेजी गई है। पुलिस को जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है। लापरवाही के आरोप में जेल के 18 जवानों पर कार्रवाई हो सकती है।

जांच में पता चला कि कैदियों ने रात के अंधेरे, धुंध और बिजली गुल होने का फायदा उठाया। यह पहले से प्लान किया गया था। एक जवान ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि घने अंधेरे में जवान कितना देख पाएंगे। घटना के अगले दिन जैप-7 के डीएसपी राजेंद्र कुमार जेल पहुंचे और सुरक्षा की समीक्षा की। हर पोस्ट पर चार जवान तैनात रहते हैं और ड्यूटी दो घंटे की होती है।
जेल प्रशासन ने प्रारंभिक जांच के बाद दो हेड वार्डन को सस्पेंड कर दिया। ये हैं हरेंद्र महतो और उमेश सिंह। दोनों की ड्यूटी उस वार्ड में थी जहां से कैदी भागे। उन पर लापरवाही का आरोप है। जेल अधीक्षक सीपी सुमन ने इसकी पुष्टि की।
देवा भुईया : कुख्यात अपराधी। हजारीबाग की गलियों से अच्छी तरह वाकिफ। 2021 में धनबाद जेल से शौचालय की खिड़की तोड़कर रस्सी से फरार हुआ था। साढ़े तीन साल बाद पकड़ा गया। धनबाद में एक दर्जन से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज। 2019 के गैंग रेप मामले में दोषी।
जीतेंद्र रवानी : भाटडीह थाने में पोक्सो एक्ट के तहत मामला। 22 साल की सजा। धनबाद जेल में खुदकुशी की कोशिश भी की थी।
राहुल रजवार : नाबालिग से प्रेम प्रसंग के मामले में 2024 में जेल गया। शादी के बाद प्रेमिका ने यौन शोषण का आरोप लगाया। पोक्सो एक्ट में उम्रकैद की सजा।
एसआईटी कैदियों के नेटवर्क और मददगारों की तलाश कर रही है। पुलिस देवा भुईया के पुराने ठिकानों पर खास नजर रख रही है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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