एजेंसी: मणिपुर में आदिवासी महिलाओं के साथ अमानवीय कृत के मामले में संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों का हंगामा जारी है। विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद के सदन में आकर बयान देने की मांग इस मुद्दे पर कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी संसद में चर्चा के लिए तैयार रहने की बात कर रही है। वहीं हंगामे को लेकर लोकसभा की कार्यवाही 2:00 बजे तक स्थगित कर दी गई है। जबकि राज्यसभा में हंगामा जारी है।
मणिपुर मामले और आप सांसद संजय सिंह के निलंबन का मुद्दा राज्यसभा में उठा है। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा में संजय सिंह के निलंबन का मुद्दा उठाया है।
वहीं संसद में हंगामे और मणिपुर मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अपने सांसदों के साथ बैठक की गई और आगे की रणनीति तय की जा रही है ताकि संसद का गतिरोध समाप्त किया जा सके। वहीं दूसरी ओर इंडिया गठबंधन भी अपनी रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में बैठक कर रहा है। उनका कहना है तमाम विपक्षी दल जो निर्णय लेगें आगे वही किया जाएगा।
इधर दूसरी ओर सांसदों के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ऐसा दिशाहीन विपक्षी उन्होंने कभी नहीं देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से की। उन्होंने विपक्षी एकता पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने भी इंडिया नाम रख लिया था और इंडियन मुजाहिदीन ने भी इंडियन पीएफआई ने भी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया नाम रख लिया है नाम रखने से कुछ नहीं होता है।
इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने भी जमकर हमला बोला है उन्होंने कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस इंडियन मुजाहिदीन अभी नहीं लिया नाम रख लिया है। विपक्ष को पहले भी जनता ने नकार दिया है फिर 2024 में भी नकार देगी।
इधर खबर है कि सरकार 176 के तहत मणिपुर मामले पर चर्चा को तैयार है। सरकार गृह मंत्री अमित शाह के बयान संसद में आकर देने पर राजी हो गई है। जबकि विपक्ष 267 के तहत चर्चा करने के लिए तैयार है। विपक्ष चर्चा की समय सीमा भी निर्धारित नहीं होनी चाहिए और विपक्ष का ना कि सिर्फ मणिपुर मुद्दे पर ही चर्चा होनी चाहिए उसके बाद वोटिंग होनी चाहिए।
राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी जमकर हमला बोला है उन्होंने कहा कि इंडिया नाम रखकर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रही है विपक्ष। भारतीय को भ्रमित करने के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी ने इंडियन मुजाहिदीन ने भी इंडियन लगाया है। नाम रखकर देशवासियों को गुमराह किया जा रहा है। मणिपुर मामले पर सरकार सदन के अंदर पर चर्चा करने के लिए तैयार है।