जयपुर: राजधानी जयपुर में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई। नीरजा मोदी स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 6 की छात्रा अमायरा ने स्कूल की चौथी मंज़िल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद बच्चों के अभिभावकों व स्थानीय लोगों में भी आक्रोश फैल गया। लोग स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
CCTV में कैद पूरी घटना
पुलिस के मुताबिक, स्कूल के CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि अमायरा रेलिंग पर चढ़ती है और फिर करीब 47 फीट की ऊंचाई से नीचे कूद जाती है। उस दौरान पास से गुजर रहे अन्य बच्चे सामान्य रूप से अपनी गतिविधियों में व्यस्त नजर आए। जब तक शिक्षक या छात्र उसकी मदद के लिए पहुंचते, वह नीचे गिर चुकी थी।
हॉस्पिटल ले जाते ही डॉक्टर्स ने किया मृत घोषित
गंभीर चोट लगने के चलते छात्रा को तुरंत नज़दीकी मेट्रो अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे ‘डेड ऑन अराइवल’ घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, पर वास्तविक वजह पता लगाने के लिए जांच जारी है।
स्कूल पर सबूत छुपाने का आरोप
घटना के बाद जब पुलिस स्कूल पहुंची तो जहां बच्ची गिरी थी उस जगह को स्कूल स्टाफ पहले ही साफ कर चुका था। इससे अभिभावकों का गुस्सा और बढ़ गया। उनका आरोप है कि स्कूल प्रशासन सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर रहा है और घटना को छुपाने की कोशिश की जा रही है।
माता-पिता ने दर्ज कराई FIR
अमायरा के माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। उनका कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी घटना होती है और स्कूल स्टाफ व टीचर्स तुरंत मौके पर क्यों नहीं पहुंचे? अमायरा माता-पिता की इकलौती संतान थी। मां बैंक में कार्यरत हैं और पिता निजी नौकरी करते हैं।
प्रशासन से सहयोग नहीं कर रहा स्कूल
जिला शिक्षा अधिकारी राम निवास शर्मा ने बताया कि स्कूल प्रशासन जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार कॉल करने के बावजूद स्कूल के अधिकारी बात करने को तैयार नहीं हुए। यहां तक कि प्रिंसिपल का नंबर भी साझा नहीं किया गया।
स्कूल प्रशासन की चुप्पी जारी
घटना को लेकर अब तक नीरजा मोदी स्कूल की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों की मांग है कि बच्ची की मौत की पूरी और पारदर्शी जांच हो और यदि लापरवाही पाई जाए तो कार्रवाई की जाए।
यह दिल दहला देने वाली घटना शहर के स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। अब पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच से ही पता चलेगा कि अमायरा की मौत के पीछे की सच्चाई क्या है।














