रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के कुजु वन क्षेत्र में मंगलवार को जंगली हाथियों ने एक ही दिन में कुल चार लोगों की पटक पटक कर मौत के घाट उतार दिया। वालों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
मंगलवार दोपहर रामगढ़ में 32 वर्षीय अमित कुमार रजवार, जो सीसीएल (कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी) में कर्मी थे, जंगली हाथियों के झुंड के पास मोबाइल से वीडियो और सेल्फी लेने लगा। जैसे ही अमित हाथियों के करीब गया, हाथियों ने अचानक हमला कर दिया और उसे कुचल दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जंगल में आठ हाथियों का झुंड मौजूद था।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रामगढ़ और बोकारो जिले की सीमा से सटे जंगलों में इस समय करीब 42 जंगली हाथी अलग-अलग झुंडों में विचरण कर रहे हैं। हाथियों की आवाजाही गांवों और आबादी वाले इलाकों के पास बढ़ने से खतरा और भी बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और वन रक्षकों को हाई अलर्ट पर रखा है।
वन विभाग की टीमें ड्रोन और गश्ती दलों के जरिए हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। ग्रामीणों को माइकिंग और अन्य माध्यमों से सतर्क किया जा रहा है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि हाथियों के करीब जाना, उन्हें उकसाना या वीडियो-फोटो लेने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है।
लगातार हो रही मौतों से स्थानीय लोगों में गुस्सा और भय दोनों है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के मूवमेंट की समय रहते जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे लोग अनजाने में खतरे में पड़ जाते हैं। प्रशासन ने लोगों से जंगल की ओर अनावश्यक रूप से न जाने, रात के समय समूह में ही आवाजाही करने और हाथियों के दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।
फिलहाल प्रशासन और वन विभाग हालात को नियंत्रित करने में जुटा है, लेकिन सिरका जंगल और आसपास के इलाकों में हाथियों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि जरा-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।














