मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल): जिले में शनिवार को आयोजित एक धार्मिक समारोह ने राजनीतिक सरगर्मी को अचानक बढ़ा दिया है। तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने जिस मस्जिद का शिलान्यास किया, उसे ‘बाबरी मस्जिद’ नाम दिए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और बताया गया कि नींव रखने के लिए सऊदी अरब से एक मौलाना को भी बुलाया गया था।
वायरल वीडियो से बढ़ा तनाव
सोशल मीडिया पर अब एक वीडियो तेजी से फैल रहा है जिसमें एक व्यक्ति मस्जिद का विरोध करने वालों को खुलेआम हिंसा की धमकी देता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह कहता है, अगर कोई हमें बाबरी मस्जिद बनाने से रोकेगा, तो हम उनके सिर काटकर उनसे फुटबॉल खेलेंगे। वीडियो में वह ‘हुमायूं कबीर जिंदाबाद’ के नारे भी लगाता दिख रहा है।
अमित मालवीय का तीखा हमला
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस वीडियो को X पर साझा करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। मालवीय ने आरोप लगाया कि बंगाल कानून-व्यवस्था के मामले में अंधेरे में डूब चुका है। राज्य में कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया जा रहा है। हिंदू समुदाय को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं।
उन्होंने लिखा कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि राज्य-प्रायोजित कट्टरपंथ है।
मालवीय ने आगे कहा कि मस्जिद का नाम ‘बाबरी’ रखना जानबूझकर किया गया कदम है, ताकि लोगों की भावनाएं भड़कें। उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा, हिंदू बंगालियों को उनके ही राज्य में दूसरे दर्जे का नागरिक बनाया जा रहा है। 2026 से पहले निर्णायक राजनीतिक बदलाव जरूरी है।
जनता की प्रतिक्रिया
वायरल वीडियो के बाद इंटरनेट पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उपयोगकर्ता ममता सरकार से मांग कर रहे हैं कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले इस मुद्दे को बड़ा राजनीतिक रंग मिल सकता है।














