दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के सिंघवाड़ा थाना क्षेत्र में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। अतेरबेल पुल के पास तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक अचानक संतुलन खो बैठा और सीधे नदी में जा गिरा। ट्रक में अंगूर से भरे सैकड़ों कार्टन लदे हुए थे। हादसे के बाद जहां नदी में गिरे ट्रक से अंगूर के कार्टन पानी में तैरने लगे, वहीं मौके पर मौजूद भीड़ का व्यवहार इंसानियत को कटघरे में खड़ा करता नजर आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक के ड्राइवर और खलासी घायल हालत में मदद के लिए चीखते रहे, लेकिन लोगों का ध्यान उन्हें बचाने की बजाय मुफ्त में अंगूर लूटने पर केंद्रित रहा।
ट्रक के नदी में गिरते ही अतेरबेल पुल के आसपास अफरा-तफरी मच गई, लेकिन यह अफरा-तफरी किसी बचाव अभियान के लिए नहीं थी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुरुष, महिलाएं और बच्चे झोले, बाल्टी, टोकरियां और बोरियां लेकर कमर तक पानी में उतर गए। कई लोग तो नदी किनारे बैठकर लूटे गए अंगूर खाते हुए भी दिखाई दिए। स्थिति इतनी भयावह थी कि लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बहते पानी में उतरते रहे, जबकि कुछ ही दूरी पर घायल ड्राइवर और खलासी मदद की आस लगाए पड़े थे।
हादसे की सूचना मिलते ही सिमरी थाना की गश्ती पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक भीड़ अंगूर समेटने में जुटी रही। पुलिस के समझाने और हटाने के प्रयासों का भी शुरुआत में कोई खास असर नहीं पड़ा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर हालात पर काबू पाया। तब तक ट्रक में लदा अधिकांश माल गायब हो चुका था।
स्थानीय लोगों की बेरुखी के बावजूद पुलिस और कुछ जिम्मेदार व्यक्तियों की मदद से ट्रक के ड्राइवर और खलासी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में क्रेन की सहायता से ट्रक को नदी से बाहर निकाला गया।
पुलिस अब सोशल मीडिया और वायरल वीडियो के आधार पर उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने आपदा को अवसर में बदलते हुए खुलेआम लूटपाट की। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में गिरते मानवीय मूल्यों की भी तस्वीर पेश करती है, जहां मदद से पहले लूट को तरजीह दी गई।














