
झारखंड वार्ता संवाददाता
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर में बुधवार को व्यास जयंती सह गुरु पूर्णिमा उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जोखू प्रसाद, कोषाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद, सहसचिव चंदन कुमार एवं प्रधानाचार्य रविकांत पाठक ने मां शारदे, भारत माता, ओम् तथा महर्षि वेदव्यास के चित्र पर दीप प्रज्वलित और पुष्प अर्पित कर किया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने गुरु पूर्णिमा के महत्व और महर्षि वेदव्यास के जीवन पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कक्षा आठ की अर्पणा कुमारी तथा कक्षा नौ की दिव्या कुमारी, नेहा कुमारी और कक्षा दस की श्रेया पांडेय ने गुरु की महिमा और भारतीय संस्कृति में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
प्रधानाचार्य रविकांत पाठक ने कहा कि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। जीवन में सफलता और सही मार्गदर्शन के लिए गुरु का सम्मान करना आवश्यक है। वहीं आचार्य सुधीर प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और उनके उपकारों का वर्णन शब्दों में संभव नहीं है।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से सभी आचार्यों, दीदीजी एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आचार्य नंदलाल पांडेय, सत्येंद्र प्रजापति, कृष्ण कुमार पांडेय, दिनेश कुमार, नीरज सिंह, प्रसून कुमार, कृष्ण मुरारी, हिमांशु झा, हृषिकेश तिवारी, बिक्रम प्रसाद, प्रवीण कुमार, अमन केरकेट्टा, लालू कुमार, प्रीतम कुमार, विवेक सुमन सहित विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।



