जल्द ही बिकने जा रहा है यह सरकारी बैंक, ग्राहकों पर क्या होगा असर?

On: July 16, 2025 10:31 AM

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नई दिल्ली: भारत सरकार जल्द ही IDBI बैंक का प्राइवेटाइजेशन करने जा रही है। इस बैंक के निजीकरण का अंतिम चरण चल रहा है। शेयर खरीद समझौते को IMG ने मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि यह बैंक जल्द ही पूरी तरह प्राइवेट हो जाएगा। इसे खरीदने के लिए कई कंपनियां आगे आई हैं। इसे खरीदने के लिए कई कंपनियां सामने आई हैं। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट की माने से तो दुबई की Emirates NBD बैंक इनमें सबसे ज्यादा आगे है। हालांकि, डील को लेकर कंपनी अभी कन्फर्म नहीं हुई है। IDBI बैंक हिस्सेदारी की बिक्री अक्टूबर तक पूरी और अंतिम रूप से कर दी जाएगी।
इतने करोड़ की होगी डील
सरकार ने आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। इस सौदे से सरकार को 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। फिलहाल, केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास आईडीबीआई बैंक की 95% हिस्सेदारी है। इसमें से 60.72% हिस्सेदारी इस डिसइनवेस्टमेंट प्रक्रिया के जरिए बेची जा रही है। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप (आईएमजी) ने दो मीटिंग्स के बाद शेयर परचेज एग्रीमेंट (एसपीए) को मंजूरी दे दी है। अब इसे कोर ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज ऑन डिसइन्वेस्टमेंट के पास भेजा जाएगा। इसके बाद सितंबर के पहले हफ्ते में वित्तीय बोली शुरू होने की उम्मीद है।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
अगर कोई भी बैंक सरकारी से प्राइवेट हो जाता है तो उसके कई फायदे और नुकसान हो सकते हैं। ग्राहकों को पहले से बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं। बैंक की पेमेंट से लेकर दूसरी सभी सुविधाओं में सुधार होने के आसार हैं। ब्याज दरों और शुल्कों के मामले में प्राइवेट बैंक ज्यादा लचीले हो सकते हैं, जो ग्राहकों के लिए फायदेमंद या नुकसानदेह हो सकता है।