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जब कंगाल पाकिस्तानी सरकार ने क्रिकेटरों के साथ ही कर दी घपलेबाजी, 25 लाख का दिया चेक हुआ था बाउंस; पूर्व स्पिनर ने किया बड़ा खुलासा

On: December 18, 2025 2:11 PM
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Pakistan Cricket: पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने साल 2009 में इंग्लैंड में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। फाइनल में श्रीलंका को हराकर मिली इस ऐतिहासिक जीत में उस वक्त के स्टार स्पिनर सईद अजमल की भूमिका बेहद अहम रही थी। लेकिन अब, करीब डेढ़ दशक बाद, सईद अजमल ने उस जीत से जुड़ा एक चौंकाने वाला और कड़वा सच सामने रखा है।

एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सईद अजमल ने खुलासा किया कि टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पाकिस्तानी टीम को तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की ओर से 25-25 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी। खिलाड़ियों को बाकायदा इसके चेक भी सौंपे गए, जिससे पूरी टीम बेहद खुश थी। मगर यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।

चेक बाउंस हो गया

सईद अजमल के मुताबिक, जब खिलाड़ी चेक भुनाने बैंक पहुंचे तो सभी चेक बाउंस हो गए। अजमल ने कहा, हम टी20 वर्ल्ड कप जीतकर लौटे थे, लेकिन इसके तुरंत बाद हमें श्रीलंका का दौरा करना था। उस समय प्रधानमंत्री ने 25-25 लाख के चेक दिए। हम सभी बहुत खुश थे, लेकिन जब चेक कैश कराने गए तो पता चला कि वे बाउंस हो गए हैं।

उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद खिलाड़ियों से कहा गया कि यह राशि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन के जरिए दी जाएगी। लेकिन पीसीबी की ओर से भी इस भुगतान से साफ इनकार कर दिया गया।

खाली हाथ लौटे चैंपियन

अजमल ने कहा कि वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद टीम को सरकार की ओर से कोई इनामी राशि नहीं मिली। ऊपर से श्रीलंका दौरे पर टीम का प्रदर्शन भी बेहद खराब रहा। हमें आखिरकार सिर्फ आईसीसी से मिलने वाली प्राइज मनी ही मिली। इतने बड़े स्तर पर अगर खिलाड़ियों के साथ ऐसा किया जाए, तो यह सरासर ज्यादती है।

व्यवस्था पर सवाल

इस पूरे मामले ने उस दौर की सरकारी व्यवस्था और खेल प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस देश में आर्थिक बदहाली, कर्ज और अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भरता लंबे समय से चर्चा का विषय रही हो, वहां खिलाड़ियों को दिए गए इनाम के वादे का इस तरह पूरा न होना न सिर्फ खिलाड़ियों, बल्कि खेल प्रेमियों के लिए भी निराशाजनक रहा।

क्रिकेट जैसे खेल ने पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया, लेकिन उसी सम्मान के बाद खिलाड़ियों को उनका हक न मिलना आज भी एक कड़वी याद के तौर पर सामने आ रहा है। सईद अजमल का यह खुलासा न सिर्फ अतीत की एक परत खोलता है, बल्कि यह भी बताता है कि कई बार देश के लिए गौरव लाने वाले खिलाड़ी पर्दे के पीछे कितनी उपेक्षा झेलते हैं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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