---Advertisement---

डॉ. राम मनोहर लोहिया की 115वीं जयंती पर समारोह आयोजित, प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

On: March 25, 2025 8:09 AM
---Advertisement---


शुभम जायसवाल

श्री बंशीधर नगर (गढ़वा):– डॉ. राम मनोहर लोहिया विचार मंच के तत्वावधान में रविवार को प्रखर समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया की 115वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। भवनाथपुर मोड़ स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा स्थल पर समारोहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां उपस्थित लोगों ने डॉ. लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मंच के अध्यक्ष कृष्ण विश्वकर्मा ने डॉ. लोहिया को याद करते हुए कहा कि वे एक प्रखर समाजवादी विचारक, संघर्षशील नेता और महान अर्थशास्त्री थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर गांव में हुआ था। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं, और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही देश व समाज का विकास संभव है।

डॉ. लोहिया का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का स्रोत
समारोह में सीताराम जायसवाल ने कहा कि डॉ. लोहिया प्रारंभ से ही मेधावी छात्र थे। उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा जर्मनी के बर्लिन से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। स्नातक की पढ़ाई कोलकाता से पूरी करने के बाद, 1932 में जर्मनी के बर्लिन विश्वविद्यालय से उन्होंने डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की।

उनकी तीव्र बुद्धि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महज 3 महीने में जर्मन भाषा सीखकर अपने प्रोफेसर को चकित कर दिया था, जिसके कारण उन्हें जर्मन सरकार से स्कॉलरशिप भी मिली थी।

मंच के उपाध्यक्ष कमलेश बिहारी ने बताया कि झारखंड में डॉ. लोहिया की आदमकद प्रतिमा सिर्फ श्री बंशीधर नगर में स्थापित है, जो पूर्व मंत्री रामचंद्र केशरी की देन है।

इस अवसर पर मंच के संरक्षक विजय सिंह, अनुमंडलीय पेंशनर समाज के अध्यक्ष गदाधर पांडेय, रामानंद पांडेय, कमलेश्वर पांडेय, शिवनारायण चौबे, मथुरा पासवान, बसंत जायसवाल, सलीम अंसारी, सतेंद्र कुमार ठाकुर, गोपाल राम, सुदर्शन राम, ओमप्रकाश विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

Join WhatsApp

Join Now