
बेनामी संपत्ति और जीएसटी हेराफेरी के तार खंगाल रही टीम
जमशेदपुर: लौहनगरी के चर्चित कबाड़ (स्क्रैप) कारोबारी ज्ञान चंद्र जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के साम्राज्य पर बुधवार अहले सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का बड़ा शिकंजा कसा है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने एक साथ उनके एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर जोरदार दबिश दी है। कार्रवाई शुरू होते ही शहर के कारोबारी हलकों के साथ-साथ सफेदपोशों में भी भारी खलबली मच गई है।
बिष्टुपुर आवास से लेकर कोलकाता तक एक साथ एक्शन
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर के पॉश इलाके बिष्टुपुर स्थित बबलू जायसवाल के मुख्य आवास और दफ्तर के बाहर सुबह-सुबह ही केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी गई। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और आसपास के इलाकों में स्थित उनके कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी ताला खुलवाकर जांच शुरू की गई। इस पूरे ऑपरेशन में 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी और जवान जुटे हुए हैं।
बेनामी साम्राज्य और रियल एस्टेट कनेक्शन रडार पर
चर्चा है कि स्क्रैप कारोबार की आड़ में जमीन-जायदाद और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े पैमाने पर किए गए बेनामी निवेश को लेकर एजेंसी के पास पुख्ता इनपुट थे। अधिकारी आलमारियों, लॉकरों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क में छुपे उन दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं, जिनसे बेनामी संपत्तियों के असली मालिकों का सच सामने आ सके।
फर्जी बिलिंग और जीएसटी घोटाले की कड़ियां
छापेमारी का एक बड़ा रुख कथित जीएसटी घोटाले से भी जुड़ा बताया जा रहा है। जांच टीम इस बात का सुराग जुटा रही है कि क्या बोगस फर्मों और फर्जी चालानों के जरिए टैक्स चोरी और काले धन को सफेद करने का खेल चल रहा था। मौके पर कागजातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन के ब्योरे खंगाले जा रहे हैं।
अहले सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई से उन तमाम रसूखदारों के माथे पर भी पसीना आ गया है, जिनके कारोबारी और परोक्ष रिश्ते इस सिंडिकेट से जुड़े रहे हैं। सर्च अभियान अब भी लगातार जारी है।




