
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मंगलवार शाम शुरू हुआ बंधक संकट करीब आठ घंटे बाद पुलिस कार्रवाई के साथ खत्म हुआ। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पत्नी, दो पुजारियों और अपने बेटे की हत्या के आरोपी अरविंद सिंह की पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में घायल अरविंद की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना में उसका 10 वर्षीय बेटा भी गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, अरविंद के घर में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। इसी दौरान उसने वहां मौजूद पुजारियों से आधार कार्ड मांगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि अरविंद ने पत्नी बबीता सिंह (32) और दो पुजारियों महेंद्र पाठक (60) तथा अखिलेश मिश्रा (50) को गोली मार दी।
इसके बाद आरोपी ने घर के अंदर बच्चों को बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके को घेर लिया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आरोपी से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। कई घंटे तक चले ऑपरेशन के बावजूद आरोपी ने पुलिस की बात नहीं मानी।
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान आरोपी ने अपने 10 वर्षीय बेटे को भी गोली मार दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। घायल बेटे को भी अस्पताल में बचाया नहीं जा सका।
पुलिस ने घर में मौजूद तीन अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। करीब सात से आठ घंटे तक चले इस पूरे ऑपरेशन के बाद पुलिस ने बंधक संकट समाप्त किया। मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना के पीछे के कारणों तथा पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।




