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चतरा:सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, 15 लाख का इनामी नक्सली शहदेव महतो समय चार ढ़ेर

On: April 17, 2026 5:21 PM
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भारी मात्रा में हथियार बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी

चतरा: पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों की मुठभेड़ चल रही है। इसी बीच चतरा जिले में नक्सलियों और सुरक्षा बिलों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ की खबर आ रही है। इस मुठभेड़ में 15 लाख के इनामी नक्सली शहदेव महतो महिला नक्सली नताशा समेत चार नक्सलियों के ढेर होने की खबर आ रही है। कई नक्सली घायल भी बताया जा रहे हैं। एनकाउंटर के बाद पुलिस को सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ी सफलता मिली है। दो एके 47, एक इंसास राइफल और एक कोल्ट एआर 15 बरामद किए गए हैं। इसके अलावा अन्य सामान भी जब्त किए गए हैं। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।

सूत्रों के मुताबिक हजारीबाग पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहदेव महतो अपने दस्ते के साथ इलाके में मूवमेंट है।इस सूचना के मिलते ही चतरा पुलिस और कोबरा कमांडो की टीम को अलर्ट कर दिया गया। इसके बाद संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम ने जंगल इलाके को घेरकर सर्च अभियान चलाया, तभी नक्सलियों से एनकाउंटर शुरू हो गई।

बताया जा रहा है कि नक्सली हजारीबाग के केराडरी जंगल से होते हुए चतरा की सीमा में दाखिल हुए थे। इसी दौरान पुलिस टीम उनके करीब पहुंच गई। दोनों तरफ से तेज फायरिंग शुरू हो गई। कुछ देर चली मुठभेड़ में चारों नक्सली मौके पर ही मारे गए। बाकी नक्सली अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।

पुलिसिया सूत्रों के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में 15 लाख का इनामी नक्सलाइज शहदेव एरिया कमांडर बुधन करमाली, महिला नक्सली नताशा और बुद्धदेव शामिल हैं।पुलिस के अनुसार ये सभी लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे और कई घटनाओं में शामिल रहे हैं।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि हजारीबाग जिले में नक्सली अपने अस्तित्व की अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं मात्र शहदेव महतो का दस्ता ही इस इलाके में बचा हुआ आखिरी सक्रिय समूह था। इस कार्रवाई के बाद हजारीबाग जिले को नक्सल प्रभावित सूची से बाहर किया जा सकता है। हालांकि पुलिस अभी भी पूरी तरह सतर्क है और आसपास के जंगलों में लगातार अभियान चला रही है।

मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है। पुलिस और कोबरा जवान जंगल में छिपे अन्य नक्सलियों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरा इलाका साफ नहीं हो जाता, ऑपरेशन जारी रहेगा।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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