झारखंड के हर जिले में बनेगी ‘ब्लड डोनेशन अवेयरनेस एंड मॉनिटरिंग कमेटी’, स्वैच्छिक रक्तदान को मिलेगा बढ़ावा
गढ़वा: झारखंड में स्वैच्छिक रक्तदान को संस्थागत और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के प्रत्येक जिले में “ब्लड डोनेशन अवेयरनेस एंड मॉनिटरिंग कमेटी (BDAMC)” का गठन किया जाएगा। जिले के उपायुक्त (DC) इस समिति की अध्यक्षता करेंगे, जो नियमित रक्तदान शिविरों और रक्त की उपलब्धता की प्रभावी निगरानी करेगी। यह कदम झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
निर्णय की पृष्ठभूमि और मुख्य उद्देश्य
मुख्य सचिव अविनाश कुमार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह समिति रक्त संग्रहण, उपयोग और भंडारण की नियमित समीक्षा करेगी। उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग और स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (SBTC) को निर्देश दिया है कि राज्य में 100 प्रतिशत रक्त संग्रह स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के जरिए सुनिश्चित किया जाए। WHO के अनुसार, किसी भी जिले की वार्षिक रक्त आवश्यकता वहां की कुल आबादी का लगभग 1 प्रतिशत होती है। जिलों में रक्त संग्रह की असमानता को दूर करने और इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह संगठित व्यवस्था लागू की गई है।
समिति की संरचना
समिति की बैठक हर महीने के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित अधिकारियों को शामिल किया गया है: पद अधिकारी / प्रतिनिधि अध्यक्ष उपायुक्त उपाध्यक्ष उप-विकास आयुक्त (DDC) सचिव सिविल सर्जन सदस्य वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक सदस्य समादेष्टा, झारखंड सशस्त्र पुलिस सदस्य प्रमंडल वन पदाधिकारी सदस्य सरकारी एवं निजी रक्त केंद्रों के चिकित्सा पदाधिकारी सदस्य जिला जनसंपर्क पदाधिकारी एवं IMA प्रतिनिधि
समिति के प्रमुख दायित्व
इस समिति के गठन का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों तक समय पर सुरक्षित रक्त पहुंचाना है। इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित होंगे:
- रक्त की निरंतर उपलब्धता: थैलेसीमिया, सिकल सेल और अन्य रक्त-निर्भर मरीजों के लिए नियमित और सुरक्षित रक्त की व्यवस्था करना।
- अनिवार्य जांच (TTI): जिले के सभी ब्लड बैंकों में एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, मलेरिया और सिफिलिस की अनिवार्य रूप से जांच सुनिश्चित करना।
- कैलेंडर निर्माण: स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का वार्षिक और मासिक कैलेंडर तैयार कर व्यापक जन-जागरूकता फैलाना।
- डिजिटल रिकॉर्ड: eRaktKosh पोर्टल पर रक्त संग्रह, भंडारण और अन्य संबंधित आंकड़ों को समय पर अपडेट करवाना।
- निगरानी और समीक्षा: सरकारी और गैर-सरकारी रक्त केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता की जांच करना।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े
राज्य में रक्तदान शिविरों के आयोजन और रक्त संग्रह को लेकर जिलों के बीच जो असमानता रही है, उसे दूर करने में यह नई समिति कारगर साबित होगी। पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य के आंकड़े इस प्रकार रहे:
- कुल रक्त संग्रह: 3,68,345 यूनिट
- आयोजित स्वैच्छिक शिविर: 3,798
- शिविरों से एकत्रित रक्त: 1,27,035 यूनिट
झारखंड सरकार ने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और मानव जीवन बचाने के इस प्रयास को जन-आंदोलन का स्वरूप दें।
“रक्तदान – महादान, एक यूनिट रक्त अनेक जीवन बचाने का संकल्प।”
