अधूरी व खराब फिटिंग वाली साइकिलों के वितरण पर बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह सख्त, गुणवत्ता पूर्ण साइकिल मिलने तक वितरण पर लगाई रोक
बरडीहा : प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी बरडीहा प्रवीण कुमार सिंह ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल वितरण कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई साइकिलें पूरी तरह उपयोग योग्य स्थिति में नहीं थीं। अधिकांश साइकिलों की फिटिंग अधूरी थी, पहियों में पर्याप्त हवा नहीं थी, ग्रीसिंग एवं ऑयलिंग सही ढंग से नहीं की गई थी। इसके अलावा ब्रेक, चेन, हैंडल, सीट, पैडल सहित अन्य पुर्जों की कसावट भी संतोषजनक नहीं मिली। कई साइकिलों में रिम टेप (पट्टी) भी सही तरीके से नहीं लगाया गया था, जिससे ट्यूब खराब होने की आशंका बनी रहती है।
निरीक्षण के दौरान मौजूद अभिभावकों एवं छात्रों ने बताया कि विद्यालय से साइकिल मिलने के बाद उन्हें स्थानीय दुकानों पर जाकर ग्रीसिंग, फिटिंग, ब्रेक सेटिंग, हवा भरवाने सहित अन्य कार्यों पर ₹250 से ₹300 तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन रहा है।
इस पर बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने तत्काल संबंधित सप्लायर को बुलाकर कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी छात्र या अभिभावक से साइकिल को उपयोग योग्य बनाने के लिए एक भी रुपये का खर्च नहीं कराया जाएगा। सभी साइकिलें पूरी तरह फिट, सुरक्षित, ग्रीसिंगयुक्त, ब्रेक व चेन की सही सेटिंग, आवश्यक हवा तथा सभी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार कर ही विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाएं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश से दूरभाष पर बातचीत की। जिला कल्याण पदाधिकारी ने संबंधित कंपनी के जिला प्रभारी से वार्ता कराई, जिसके बाद बीडीओ ने निर्देश दिया कि जब तक प्रत्येक साइकिल की समुचित फिटिंग, ग्रीसिंग, गुणवत्ता परीक्षण एवं आवश्यक सुधार कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक साइकिलों का वितरण नहीं किया जाएगा।
बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करना है, न कि उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाने के लिए मजबूर करना। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, अधूरी आपूर्ति या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी साइकिलें पूरी तरह तैयार एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप मिलने के बाद ही वितरण कार्य पुनः शुरू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं और भविष्य में भी सभी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।i
