
जहां किसी की थाली खाली हो,वहां भोजन लेकर पहुंचना,जहां कोई अपनों के बीच होकर भी अकेला हो
आकाश लोहार
गढ़वा
समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं,जो सेवा को सिर्फ एक आयोजन नहीं,बल्कि अपनी जिम्मेदारी मानते हैं,किसी जरूरतमंद की आंखों में उम्मीद देखना,किसी भूखे के हाथ में भोजन देना और किसी असहाय के दर्द को अपना समझकर उसके साथ खड़ा होना,यही असली मानवता है,इसी सोच को जमीन पर उतारने की कोशिश कर रही है जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन,संस्था अब सिर्फ गरीब बेटियों के सामूहिक विवाह तक सीमित नहीं रहना चाहती,बल्कि जरूरत के हर मोड़ पर असहाय और पीड़ित लोगों का सहारा बनने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है,इसी कड़ी में बुधवार,7 अक्टूबर को संस्था के संस्थापक रितेश कुमार तिवारी उर्फ महाकाल तिवारी के नेतृत्व में गढ़वा और मेराल क्षेत्र में जरूरतमंदों के बीच भोजन का वितरण किया गया।
स्टेशन से अस्पताल तक,जरूरतमंदों के बीच पहुंची सेवा :- जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की टीम ने गढ़वा रेलवे स्टेशन,मेराल रेलवे स्टेशन के समीप,मुशहर समुदाय,मेराल अस्पताल और गढ़वा सदर अस्पताल में मौजूद असहाय,पीड़ित और जरूरतमंद लोगों के बीच पहुंचकर भोजन वितरित किया,संस्था के सदस्यों ने सिर्फ भोजन बांटकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं समझी,बल्कि जरूरतमंदों के बीच बैठकर उनकी परिस्थितियों को समझने और उनकी समस्याओं को जानने का भी प्रयास किया,किसी के लिए यह भोजन शायद सिर्फ एक वक्त का खाना हो,लेकिन किसी भूखे और बेसहारा व्यक्ति के लिए यही भोजन उस पल की सबसे बड़ी राहत बन जाता है।
जरूरतमंद को दिया गया भोजन मानवता का संदेश है :- इस मौके पर संस्था के संस्थापक रितेश कुमार तिवारी उर्फ महाकाल तिवारी ने कहा कि जरूरतमंद को दिया गया भोजन सिर्फ दो वक्त की भूख मिटाने का माध्यम नहीं है,बल्कि यह मानवता और सेवा का संदेश भी है,उन्होंने कहा कि जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की पहचान केवल सामूहिक विवाह कराने वाली संस्था के रूप में नहीं होनी चाहिए,संस्था की कोशिश है कि जब भी कोई गरीब,असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति मुश्किल में हो,तो उसे यह महसूस हो कि समाज में उसके साथ खड़े होने वाले लोग भी मौजूद हैं।
विवाह से आगे,सेवा का संकल्प :- महाकाल तिवारी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सामूहिक विवाह कराना नहीं है,समाज में ऐसे कई परिवार हैं,जो रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते हैं,ऐसे परिवारों तक भोजन,वस्त्र,राशन और जरूरत के अनुसार अन्य सहायता पहुंचाना भी संस्था की प्राथमिकता है,उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सेवा के इन कार्यों को और व्यापक किया जाएगा,ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके,महाकाल तिवारी ने कहा,हम चाहते हैं कि जरूरत के समय कोई गरीब या असहाय व्यक्ति खुद को अकेला महसूस न करे,संस्था अपनी क्षमता के अनुसार ऐसे परिवारों के साथ हमेशा खड़ी रहने का प्रयास करेगी।
सेवा में जुटे संस्था के सदस्य :- भोजन वितरण के दौरान संस्था के सदस्य भिखारी पाण्डेय,श्याम सुंदर दुबे,राजीव चौबे,रमेश कुमार सहित महिला सदस्यों में सोनी देवी,कलावती देवी,ललिता देवी समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सेवा सिर्फ आयोजन नहीं,किसी के दर्द में खड़े होने का नाम है :- जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की यह पहल एक बार फिर यह संदेश देती है कि समाज सेवा केवल बड़े बड़े आयोजनों और मंचों तक सीमित नहीं होती,किसी भूखे को भोजन देना,किसी जरूरतमंद की परेशानी सुनना और किसी असहाय के साथ खड़े होना भी समाज सेवा का उतना ही बड़ा रूप है,संस्था के संस्थापक रितेश कुमार तिवारी महाकाल तिवारी के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान इसी सोच को मजबूत करता नजर आ रहा है कि सामूहिक विवाह से शुरू हुई सेवा की यह यात्रा अब जरूरतमंदों की जिंदगी में सहारा बनने की ओर बढ़ रही है,क्योंकि आखिरकार,सेवा वही,जो किसी के चेहरे पर मुस्कान ला दे और मदद वही,जो किसी को यह एहसास दिला दे कि वह अकेला नहीं है।





