देश के साथ-साथ झारखंड में भी नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर है. इस साल अब तक 45 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं. चाईबासा में सिर्फ 3 नक्सली बचे हैं.
झारखंड में सीपीआई माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल समेत 16 दस्ते के सदस्यों ने ऑपरेशन नवजीवन के तहत मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा और अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मिसिर बेसरा को लेकर फिलहाल चाईबासा में अभियान चल रहा है. उसके साथ सिर्फ दो नक्सली हार्दिक उर्फ मोछू और गौरव बचे हैं, जबकि दूसरे नक्सली सालुका कायम के भी दो कैडर बचे हैं. इस तरह चाईबासा में अब सिर्फ छह नक्सली बचे हैं. हालांकि, देर रात मिसिर बेसरा और उसके साथ दो माओवादियों की गिरफ्तारी के बाद अब तीन ही बचे हैं.
इन नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण कर दिया
पुलिस मुख्यालय में सरेंडर करने वालों में 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी मेंबर संतोष उर्फ वासुदेव दा प्रमुख है. उसके खिलाफ राज्य में 128 माओवादी मामले दर्ज हैं. गिरिडीह के पीरटांड़ निवासी संतोष ने एक इंसास, पांच मैगजीन और 136 राउंड कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया है. वहीं, 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर चंदन लोहरा, जोनल कमांडर संतोष मांझी, जयकांत मुंडा ने एके 47 के साथ सरेंडर किया है. पुलिस मुख्यालय में सरेंडर करने वालों में सबजोनल कमांडर राजनाथ हांसदा, अनिल तुरी, सुखलाल बिरंजिया, सुदेश होनहागा, एतवारी मांझी उर्फ सुनोतो, देवन मुर्मू, सुमित्रा सुरीन, चंपा मंझियाइन, सलमी मुंडा, मुन्नी सुरीन, सीता मुंडा शामिल हैं.
वहीं, छत्तीसगढ़ के सारंडा में सक्रिय जोनल कमांडर अश्विन, सब जोनल कमांडर सोहन पुनेम, राहत मांडवी, एरिया कमांडर रीता उर्फ सावित्री, अनुषा कुंजाम, रजनी मकदम, दस्ता सदस्य सुबानी मुंडा, जिलानी उर्फ सालमी चांपिया ने आत्मसमर्पण कर दिया.
माओवादी संगठन की वर्तमान स्थिति क्या है?
एक साल पहले तक सारंडा में 100 से अधिक हथियारबंद उग्रवादी सक्रिय थे. चाईबासा एसपी अमित रेनू ने कहा कि 21 मई को 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था. अब चाईबासा में मिसिर बेसरा और सालुका कायम के दस्ते के साथ केवल दो-दो माओवादी हैं. गौरतलब है कि इस साल सीपीआई-माओवादियों के कुल 93 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 45 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि 22 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं.

