छत्तीसगढ़

कांकेर में 4 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 23 लाख का था इनाम

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कांकेर:छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पुनर्वास नीति के तहत मंगलवार को पुलिस अधीक्षक आईके एलिसेला के सामने दो महिला समेत चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इन पर कुल 23 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वाले सभी नक्सली उत्तर बस्तर डिवीजन, DK टेक्निकल टीम और गढ़चिरौली डिवीजन से जुड़े सक्रिय सदस्य रहे हैं।

सरेंडर के बाद चारों को सरकार की ओर से पुनर्वास योजना के तहत 50-50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।

कौन-कौन हुए सरेंडर?

1. काजल उर्फ रजीता वेड़दा – कंपनी नंबर 10 की सदस्य (इनाम– 8 लाख रुपये)

2. मंजूला उर्फ लक्ष्मी पोटाई – उत्तर बस्तर डिवीजन, टेक्निकल टीम (इनाम– 5 लाख रुपये)। मंजुला मदनवाड़ा नक्सल हमले में शामिल थी। इसी मदनवाड़ा नक्सल हमले में एसपी रविन्द्र चौबे शहीद हुए थे।

2005 में भर्ती हुई।

3. विलास उर्फ चैतु उसेंडी – DK टेक्निकल प्लाटून नंबर 50 (इनाम– 5 लाख रुपये)

4. रामसाय उर्फ लखन मर्रापी – बड़गांव LOS उप कमांडर (इनाम– 5 लाख रुपये)

कांकेर के एसएसपी आईके एलिसेला ने सरेंडर कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सल कैडरों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जंगलों में सक्रिय नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस आएं और सुरक्षित, सम्मानजनक जीवन जिएं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।