पलामू

पलामू के रास्ते एशिया की सबसे लंबी मालगाड़ी का हुआ सफल ट्रायल, खींचने के लिए लगाए गए 7 इंजन

पलामू: एशिया की सबसे लंबी मालगाड़ी “रूद्रास्त्र” का सफल ट्रायल शुक्रवार को किया गया। यह 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी 7 इंजनों से संचालित हुई और इसमें 354 बोगियां थीं। यह मालगाड़ी दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के गंजख्वाजा से धनबाद के टोरी-शिवपुरी रेल लाइन तक पलामू के रास्ते गुजरी। ट्रायल सफल होने के बाद जल्द ही इसका नियमित परिचालन शुरू होगा।

बता दें कि डालटनगंज स्टेशन को क्रास करने में इसे 10 मिनट से अधिक समय लगा। मालूम हो कि इससे पहले देश की सबसे लंबी मालगाडी़ 3.5 किमी लंबी व सुपर वासुकी थी, छह इंजन वाले इस ट्रेन में 295 वैगन व लोकोमोटिव का सहारा लिया जाता है। इस संबंध में पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर जाेन स्तर से जारी एक प्रेस नोट में दीनदयाल रेलमंडल के डीआरएम उदय सिंह मीणा ने रूद्रास्त मालगाड़ी को एशिया की सबसे लंबी ट्रेन होने की जानकारी दी है। बताया गया कि यह भारतीय रेलवे की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। तीन लांग होल मालगाड़ी को जोड़ कर बनाए गए रूद्रास्त में 354 वैगन, 6 रैक व सात इंजन शामिल है। इससे समय व लागत दोनों में बचत होगी। साथ ही लोको कम से कम क्रू सदस्यों का उपयोग किया जा सकेगा। गुरुवार को अपराह्न 2.20 बजे इसे डीडीयू रेल मंडल के गंज ख्वाजा स्टेशन से धनबाद रेल मंडल के लिए प्रस्थान किया गया था। धनबाद रेल डिवीजन में मालगाड़ी के प्रवेश करते ही हाई अलर्ट जारी किया गया था।

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Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।