
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में स्लीपर बस आग का गोला बन गई। जेवर थाना क्षेत्र के दयानतपुर गांव के पास चलते समय बस में अचानक भीषण आग लग गई। हादसे के वक्त बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। आग तेजी से फैलने के बाद यात्रियों में अफरातफरी मच गई और कई लोगों ने जान बचाने के लिए बस से छलांग लगा दी। हादसे में बस के अंदर फंसे नौ यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। हादसा रात करीब 12 बजे हुआ।
जानकारी के मुताबिक, राज कल्पना ट्रेवल्स की स्लीपर बस (BR32 PA8647) दिल्ली से महोबा जा रही थी। राज कल्पना ट्रैवल्स यूपी, एमपी, बिहार के लिए सर्विस देती है। बस ग्रेटर नोएडा की ओर से आगरा की तरफ जा रही थी। इसी दौरान दयानतपुर के पास चालक को इंजन की ओर आग लगने का पता चला। चालक ने बस को ओवरटेकिंग लेन से हटाकर एक्सप्रेसवे के किनारे सोल्डर पर खड़ा किया और आग बुझाने का प्रयास किया।
आग फैलते ही यात्रियों में मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग देखते ही चालक और परिचालक ने यात्रियों को बस से बाहर निकलने के लिए शोर मचाया। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। अफरातफरी के बीच 20 से अधिक यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि, कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।
आग इतनी भीषण थी कि बस के अंदर फंसे यात्रियों के शव बुरी तरह जल गए। बताया जा रहा है कि मृतकों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। शवों की स्थिति इतनी खराब है कि मौके पर उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है।
पांच घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम मौके पर पहुंच गई। उस समय बस पूरी तरह आग की लपटों में घिरी हुई थी और अंदर से लगातार धुआं निकल रहा था। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हालांकि, आग बुझने के बाद भी बस और उसमें रखा सामान काफी देर तक सुलगता रहा। इसके बाद सुरक्षा टीमों ने बस की बॉडी को अलग-अलग स्थानों से काटकर अंदर फंसे शवों को बाहर निकाला। करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शवों और मिले मानव अंगों को बाहर निकाला जा सका। सभी शवों को कैलाश अस्पताल भेजा गया है।
बस में आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि आग के दौरान बस से पटाखे जैसी तेज आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। पुलिस और संबंधित एजेंसियां आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही हैं।
डीएनए जांच से होगी मृतकों की पहचान
हादसे में मृत यात्रियों के शव बुरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पुलिस बस की टिकट बुकिंग और यात्रियों की सूची के आधार पर उनके परिजनों से संपर्क कर रही है। मृतकों की पहचान की पुष्टि के लिए परिजनों के डीएनए नमूने लेकर शवों के डीएनए से मिलान कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान
ग्रेटर नोएडा में हुए इस भीषण सड़क हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों से बात कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और मृतकों की पहचान तथा हादसे की वजह स्पष्ट करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।






