झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: अबुआ आवास योजना के तहत राशि की फर्जी निकासी के गंभीर मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चिनियां प्रखंड के आधा दर्जन कर्मियों और जनप्रतिनिधि पर दंडात्मक कार्रवाई की है। उपायुक्त दिनेश यादव के निर्देश पर की गई जांच में आरोप सत्य पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चिनियां प्रखंड के पंचायत डोल में अबुआ आवास योजना का फर्जी वर्क कोड बनाकर मनरेगा मद से मजदूरी राशि की अवैध निकासी एवं पूर्व में डोभा का निर्माण किए बिना ही भुगतान कर दिए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले की जांच जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा की गई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हो गई। इसके बाद सभी संबंधितों से स्पष्टीकरण मांगा गया, परंतु संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई।
उपायुक्त द्वारा डोल पंचायत की मुखिया पुष्पा देवी पर फर्जी तरीके से मनरेगा मजदूरी राशि की निकासी का आरोप पाए जाने पर उन्हें निलंबित करने की अनुशंसा निदेशक, पंचायती राज, झारखंड सरकार, रांची को भेजी गई है।
वहीं पंचायत सचिव अरुप कुमार मंडल को अनियमितता, लापरवाही और गलत कार्यशैली का दोषी पाए जाने पर झारखंड सरकारी सेवक नियमावली 2016 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड कार्यालय डंडई निर्धारित किया गया है।
मनरेगा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ) रोशन कुमार को दोषी पाए जाने पर कार्यमुक्त कर दिया गया है। इसी प्रकार तत्कालीन ग्राम रोजगार सेवक अनूप सिंह, वर्तमान ग्राम रोजगार सेवक श्रवण करकेट्टा और कंप्यूटर सहायक अनूप कुमार को भी फर्जी निकासी में संलिप्तता पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सेवा मुक्त किया गया है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, चिनियां को पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण में लापरवाही पर उपायुक्त ने कड़ी चेतावनी देते हुए कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी आरोपितों से अवैध निकासी गई राशि वसूलने का आदेश दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजनाओं की पारदर्शिता और सुचारू संचालन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गढ़वा: अबुआ आवास की राशि की अवैध निकासी का मामला उजागर, आधा दर्जन कर्मियों पर कार्रवाई











