रांची: राजधानी रांची में पुलिस ने एक बड़े बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के कब्जे से 12 बच्चों को सुरक्षित बरामद किया है, जबकि गिरोह के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 5 महिलाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा करीब दो दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस पूरे मामले की जानकारी रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने प्रेस वार्ता में दी।
एसएसपी के अनुसार, बरामद किए गए बच्चे रांची, बोकारो, धनबाद और चाईबासा से चोरी किए गए थे। फिलहाल सभी बच्चों को धुर्वा थाना लाया गया है, जहां उनकी देखरेख की जा रही है। पुलिस अब इन बच्चों के परिजनों की पहचान और तलाश में जुट गई है। परिजनों की शिनाख्त सुनिश्चित करने के लिए जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच भी कराई जाएगी।
पुलिस को इस गिरोह तक पहुंच धुर्वा थाना क्षेत्र से अंश और अंशिका के लापता होने के मामले की जांच के दौरान मिली। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रांची पुलिस ने झारखंड के कई जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इसी दौरान इस संगठित बच्चा चोर गिरोह का खुलासा हुआ, जिसकी पहचान ‘गुलगुलिया गैंग’ के रूप में की गई है।
एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि गुलगुलिया गैंग पिछले करीब दस वर्षों से सक्रिय है और अब तक कई बच्चों को बेच चुका है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक फैले हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने अंश और अंशिका का सौदा भी कर लिया था, लेकिन समय रहते पुलिस की दबिश के कारण यह सौदा पूरा नहीं हो सका।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह चोरी किए गए बच्चों से भीख मंगवाने और पॉकेटमारी जैसे अपराध कराता था। इतना ही नहीं, चोरी की गई बच्चियों को देह व्यापार में भी धकेला जाता था। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का संबंध मानव अंगों के अवैध व्यापार से भी हो सकता है। हालांकि, इस एंगल पर अभी गहन जांच जारी है।
फिलहाल रांची पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।













