किश्तवाड़: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षाबलों और पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है। यह मुठभेड़ चतरू बेल्ट के अंतर्गत मंदराल-सिंहपोरा क्षेत्र के सोनार गांव के पास हुई, जिसमें दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। इस दौरान सुरक्षाबलों के आठ जवान घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में तीन जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया है और आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। खुफिया जानकारी के आधार पर माना जा रहा है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े दो से तीन आतंकवादी इस इलाके में छिपे हुए हैं।
रात में रोका गया ऑपरेशन, सुबह फिर शुरू
घनी हरियाली, खड़ी पहाड़ियों और दुर्गम भू-भाग के कारण रविवार देर रात ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। अंधेरा होने से विजिबिलिटी और मूवमेंट सीमित हो गई थी, जिससे सुरक्षाबलों को रणनीतिक रूप से पीछे हटना पड़ा।
हालांकि, सोमवार सुबह पहली रोशनी के साथ ही सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिया। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमें पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रही हैं।
ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद
अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन को प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन, स्निफर डॉग्स और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद ली जा रही है। पूरे क्षेत्र में सख्त सुरक्षा घेरा बनाया गया है ताकि आतंकवादी किसी भी हालत में फरार न हो सकें।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त बलों को भी मौके पर तैनात किया गया है। सुरक्षाबलों का लक्ष्य आतंकियों को जल्द से जल्द ढेर करना है।
‘ऑपरेशन त्राशी-1’ जारी
सेना की जम्मू आधारित वॉइट नाइट कोर ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ नाम दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन रविवार दोपहर शुरू हुआ था और अंतिम रिपोर्ट मिलने तक जारी है।
सुरक्षाबलों का कहना है कि इलाके में आतंकियों की मौजूदगी पूरी तरह खत्म होने तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। स्थिति पर उच्च अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं।














