झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: जनहित से जुड़ी एक गंभीर शिकायत के आलोक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने सोमवार को अटौला मेन रोड स्थित एक मेडिकल एजेंसी में औचक छापेमारी की। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया कई गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से उक्त मेडिकल एजेंसी को अगले आदेश तक बंद कराने का निर्देश दिया।
छापेमारी के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित मेडिकल एजेंसी को केवल थोक दवाओं की बिक्री का लाइसेंस प्राप्त है, जबकि वहां खुलेआम खुदरा दवाओं की बिक्री की जा रही थी। इसके अलावा बिना किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के मरीजों का इलाज भी किया जा रहा था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
मेडिकल सेंटर के अंदर भारी मात्रा में प्रयुक्त सिरिंज, खाली इंजेक्शन के टुकड़े और यूज्ड नीडल्स बरामद किए गए। साथ ही एक बेड और पानी चढ़ाने का स्टैंड भी मौके पर पाया गया। छापेमारी के समय कुछ मरीज भी वहां मौजूद थे। संचालक द्वारा पूछताछ में बताया गया कि उसकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि वे जल जाने की बात कही गई।
जांच के दौरान “प्रेस्क्रिप्शन” लिखा हुआ एक संदिग्ध पर्चा भी बरामद किया गया। छापेमारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए, जिनसे अधिकारियों ने फीडबैक और जानकारी ली। स्थानीय लोगों के बयान और संचालक के जवाब के आधार पर इस बात की आशंका गहराई कि उक्त मेडिकल एजेंसी में अनधिकृत रूप से मरीजों का इलाज, खून के नमूने लेने जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने एहतियातन मौके पर ही मेडिकल एजेंसी को सील करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिविल सर्जन एवं औषधि निरीक्षक स्तर से विस्तृत जांच के बाद ही मेडिकल दुकान के भविष्य के संचालन को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।
एसडीएम की इस कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित मेडिकल दुकानों में हड़कंप मच गया है, वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई की सराहना की है।
गढ़वा: मेडिकल एजेंसी में SDM का औचक छापा, अनियमितताएं मिलने पर किया गया सील











