Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार (21 जनवरी) को बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। BSE सेंसेक्स 1056 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ फिसलकर 81,124.45 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 313 अंक टूटकर 24,919.80 पर आ गया।
यह लगातार तीसरा कारोबारी दिन है जब शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ है। पिछले 12 कारोबारी सत्रों में से 10 दिन बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए हैं। इस दौरान सेंसेक्स करीब 5 फीसदी यानी 4,223 अंक टूट चुका है, वहीं निफ्टी 50 में भी लगभग 5 फीसदी या 1,275 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है।
12 दिनों में 30 लाख करोड़ रुपये डूबे
लगातार गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर साफ नजर आ रहा है। 21 जनवरी को BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 4,51,36,027.79 करोड़ रुपये रह गया। जबकि 2 जनवरी को यह 4,81,24,779.35 करोड़ रुपये था।
इस तरह सिर्फ 12 कारोबारी दिनों में BSE लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 29.88 लाख करोड़ रुपये घट गया है। यानी निवेशकों को लगभग 30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
जियो-पॉलिटिकल टेंशन से बढ़ी चिंता
बाजार में जारी गिरावट के पीछे वैश्विक जियो-पॉलिटिकल तनाव एक बड़ी वजह माना जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बढ़ गई है। ग्रीनलैंड को लेकर बयान और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी से एक बार फिर ट्रेड वॉर की आशंका गहरा गई है।
इस माहौल में निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाते हुए सुरक्षित निवेश विकल्पों जैसे सोना और बॉन्ड की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर शेयर बाजार से पूंजी निकासी के रूप में देखने को मिल रहा है।
बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
आज के कारोबार में बैंकिंग शेयरों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी। निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 1.50 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। PSU बैंक हों या प्राइवेट बैंक में जबरदस्त बिकवाली देखी गई।
ICICI बैंक, HDFC बैंक, SBI और PNB जैसे दिग्गज बैंकिंग शेयर 2 फीसदी तक टूट गए। चूंकि बैंकिंग सेक्टर का बाजार में बड़ा वेटेज होता है, इसलिए इन शेयरों में गिरावट का असर पूरे बाजार पर साफ दिखाई दिया।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में
बैंकिंग के अलावा NSE पर IT, मीडिया, रियल्टी, ऑटो समेत लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। चौतरफा बिकवाली ने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया।
ट्रंप के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला टला
अनिश्चितता को और बढ़ाने वाला एक बड़ा फैक्टर अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा है। कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से जुड़े मामले पर लगातार तीसरी बार फैसला टाल दिया है। इससे पहले 9 और 14 जनवरी को भी कोर्ट ने इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं सुनाया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह तय होगा कि ट्रंप द्वारा प्रस्तावित टैरिफ वैध हैं या नहीं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर फैसला बाजार के प्रतिकूल आता है तो शेयर बाजार की दिशा अचानक बदल सकती है। हालांकि फैसले के समय और नतीजे को लेकर फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल बाजार पर वैश्विक संकेतों और जियो-पॉलिटिकल घटनाक्रम का दबाव बना हुआ है। निवेशकों की नजर अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के फैसले, वैश्विक बाजारों की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर टिकी रहेगी।














