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रांची:अतिक्रमण हटाओ अभियान से बेघर लोग सड़क पर उतरे, रोड जाम

On: February 11, 2026 11:14 AM
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रांची: सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के खादगढ़ा और महुआ टोली में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में दर्जनों परिवार बेघर हो गए। बच्चों की पढ़ाई, रोजी-रोटी और सुरक्षा को लेकर चिंतित और आक्रोशित लोग बुधवार सुबह सड़क पर उतर आए। रातू रोड कब्रिस्तान के पास लोग जमा होकर सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम की वजह से लंबी-लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले लोग, स्कूल बसें और एंबुलेंस तक जाम में फंस गईं। पुलिस ने यातायात डायवर्ट किया, लेकिन घंटों तक हालात सामान्य नहीं हो सके।विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है। अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन कई घंटे तक जारी रहा। फिलहाल इलाके में तनाव है और प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत जारी है, ताकि हालात को सामान्य किया जा सके।

प्रदर्शन में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा हाथ में तख्तियां लेकर नारे लगा रहे थे। लोग कह रहे थे कि जिन मकानों को तोड़ा गया, वहां कई परिवार सालों से रह रहे थे।स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना चेतावनी बुलडोजर चला दिया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें अपने सामान को बचाने का समय भी नहीं मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगलवार की कार्रवाई में दर्जनों परिवार बेघर हो गए। बच्चों की पढ़ाई, रोजी-रोटी और सुरक्षा को लेकर लोग बेहद चिंतित हैं। कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने पूरे जीवन की कमाई से मकान बनाया था। अब अचानक कार्रवाई ने उनके सामने रहने का संकट खड़ा कर दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि खादगढ़ा और महुआ टोली में करीब 27 कट्ठा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण था, जिसे नियम के तहत हटाया गया। अधिकारियों के मुताबिक पहले भी अतिक्रमण हटाने की नोटिस दी गई थी। लेकिन स्थानीय लोग प्रशासन के इस दावे से सहमत नहीं हैं और कार्रवाई रोकने व पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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