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प्रदेश की राजधानी रांची के सिविल कोर्ट को इस बार आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी,मचा हड़कंप

On: February 28, 2026 8:33 PM
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रांची: प्रदेश की राजधानी में स्थित सिविल कोर्ट को इस बार आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर से हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने तुरंत कोर्ट परिसर को खाली कराया और मामले की जांच शुरू हो गई है। धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई है। मौके पर बम निरोधक दस्ता पहुंच गया है चप्पे_ चप्पे की तलाशी ली गई लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने की खबर है।

कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय के मुताबिक, एक ईमेल के माध्यम से सिविल कोर्ट परिसर को आरडीएक्स लगाकर उड़ाने की धमकी दी गई है। जैसे ही ईमेल की जानकारी मिली, बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। टीम ने पूरे कोर्ट परिसर की बारीकी से तलाशी ली। फिलहाल किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
बता दें कि इसके पहले भी 6 फरवरी को भी ईमेल के जरिए बम धमाके की धमकी दी गई थी। उस वक्त भी झारखंड जगुआर के बम निरोधक दस्ते ने लगातार दो दिनों तक पूरे कोर्ट कैंपस की सघन तलाशी ली थी। जांच में कोई संदिग्ध या विस्फोटक सामान नहीं मिला था।

समाहरणालय को भी उड़ाने की दी जा चुकी है धमकी
सिविल कोर्ट के बाद रांची समाहरणालय भवन को भी ईमेल के जरिए उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में कहा गया था कि समाहरणालय को सल्फरनाइट्रेट बम से उड़ा दिया जाएगा। उस समय भी रांची पुलिस तुरंत अलर्ट मोड में आ गई थी और बम निरोधक दस्ते को बुलाकर पूरे परिसर की जांच कराई गई थी।

हाई अलर्ट पर पुलिस
लगातार मिल रही धमकियों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस साइबर एंगल से भी जांच कर रही है। ईमेल कहां से भेजा गया, इसके पीछे कौन है… इन सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है। फिलहाल राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी जगह से विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। कोर्ट और अन्य सरकारी दफ्तरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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