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Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण आज, सूतक सुबह से प्रभावी; जान लें झारखंड में ग्रहण की टाइमिंग

On: March 3, 2026 8:43 AM
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Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज लग रहा है। यह ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा। खगोलीय दृष्टि से यह एक सामान्य खगोलीय घटना है, लेकिन हिंदू धर्म में इसे विशेष धार्मिक महत्व के साथ देखा जाता है। पंचांग के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में घटित हो रहा है, जिसके कारण ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसे अहम माना जा रहा है। यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगने वाला है, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर देखने को मिलेगा।

भारत में कब और कितनी देर दिखेगा ग्रहण?

भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से होगी। हालांकि उस समय भारत में चंद्रमा क्षितिज पर दिखाई नहीं देता, इसलिए प्रारंभिक चरण यहां से नजर नहीं आएगा। खगोलीय गणनाओं के अनुसार भारत में इस ग्रहण का समय काल लगभग 1 घंटे का होगा। देश में अलग-अलग शहरों में यह चंद्र ग्रहण शाम लगभग 5:50 से 6:46 बजे तक रहेगा। उस समय ग्रहण अपने अंतिम चरण में रहेगा।

झारखंड में करीब 40 से 50 मिनट तक ग्रहण देखा जा सकेगा। राजधानी रांची में चंद्रमा का उदय अपेक्षाकृत पहले होने के कारण यहां ग्रहण का दृश्य लगभग 5:56 बजे से 6:46 बजे तक देखा जा सकेगा।

सूतक काल हुआ शुरू

चूंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई दे रहा है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल मान्य रहेगा। सूतक 3 मार्च की सुबह 6:23 बजे से शुरू हो गया है। मान्यता है कि सूतक के दौरान पूजा-पाठ, मंदिर में प्रवेश और मांगलिक या शुभ कार्यों से परहेज करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इन मान्यताओं का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है।

क्यों होता है चंद्र ग्रहण?

चंद्र ग्रहण की स्थिति तब बनती है, तब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। पृथ्वी की छाया जब चंद्रमा पर पड़ती है, तो उसकी रोशनी आंशिक या पूर्ण रूप से ढक जाती है। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है। इसी कारण पूर्ण चंद्र ग्रहण को आम बोलचाल में ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।

खगोल विशेषज्ञों के अनुसार चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। इसके लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। साफ आसमान होने पर लोग इस दुर्लभ खगोलीय घटना का आनंद ले सकते हैं।

भारत के अलावा यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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