कोलंबो: श्रीलंका के दक्षिणी समुद्री तट के पास एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है। ईरान की नौसेना का जहाज IRIS Dena संदिग्ध पनडुब्बी हमले के बाद गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और उसके डूबने की आशंका जताई जा रही है। घटना में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 78 लोग घायल बताए जा रहे हैं और 101 अब भी लापता हैं। यह जहाज भारत के विशाखापत्तनम में MILAN 2026 मल्टीनेशनल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने के बाद ईरान लौट रहा था। बताया जा रहा है कि इस पर करीब 180 लोग सवार थे।
न्यूज एजेंसी Reuters के हवाले से श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि की है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने और किस उद्देश्य से किया।
कैसे हुआ हमला?
जानकारी के अनुसार, यह हमला समुद्र के भीतर से पनडुब्बी से किया गया प्रतीत होता है। श्रीलंका की नौसेना को जब डिस्ट्रेस कॉल मिला, उस समय आसमान में कोई भी एयरक्राफ्ट नजर नहीं आया। एयरफोर्स ने भी साफ किया कि आसपास के हवाई क्षेत्र में किसी संदिग्ध विमान की गतिविधि नहीं देखी गई। नौसेना के अधिकारियों का कहना है कि जिस वक्त घटना हुई, उस इलाके में कोई अन्य जहाज भी मौजूद नहीं था। इससे हमले को लेकर रहस्य और गहरा गया है।
राहत और बचाव अभियान
कोलंबो से मिली जानकारी के मुताबिक, संकट संदेश मिलते ही श्रीलंका की नौसेना और वायुसेना की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना कर दी गईं। संसद में विदेश मंत्री विजीता हेरात ने बताया कि राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अनिल जयसिंघे के अनुसार, अब तक 32 ईरानी नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि 7 लोग आपातकालीन उपचार में हैं।
डूबने की कगार पर सैन्य जहाज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद IRIS Dena को गंभीर क्षति पहुंची और उसमें पानी भरने लगा। बचाव दलों ने काफी प्रयास किए, लेकिन जहाज के पूरी तरह डूब जाने की आशंका जताई जा रही है। यह जहाज ईरान की नौसेना का एक सैन्य पोत था, जिससे घटना की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि हमला किस देश की ओर से किया गया। श्रीलंका सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना पर नजर रखी जा रही है।
समुद्र में लापता 101 लोगों की तलाश जारी है। बचाव अभियान में नौसेना के जहाजों के साथ हेलीकॉप्टर और मेडिकल टीमें भी तैनात हैं।











