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नीतीश ने राज्यसभा में जाने का किया एलान,सीएम के लिए रेस में देखें कौन-कौन!

On: March 5, 2026 12:02 PM
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जनता के साथ पहले की तरह रहेगा सहयोग: नीतीश कुमार

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर दिया है. इसके बाद सीएम के लिए रेस शुरू हो गई है। रेस में कोई दिग्गज शामिल हैं। आशंका का व्यक्त की जा रही है कि भारतीय जनता पार्टी ऐसे चेहरे का नाम बतौर सीएम ऐलान कर सकती है जिससे सब चौंक जाएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. अपने संदेश में उन्होंने जनता के विश्वास और समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा कि वे इस बार राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनना चाहते हैं.

नीतीश कुमार ने लिखा कि पिछले दो दशक से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर लगातार भरोसा जताया है. इसी विश्वास की ताकत से उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ बिहार और यहां के लोगों की सेवा करने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और समर्थन की वजह से ही बिहार विकास और सम्मान की नई दिशा में आगे बढ़ा है. उन्होंने अपने संसदीय जीवन की शुरुआत को याद करते हुए कहा कि राजनीति में आने के समय से ही उनके मन में एक इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें. इसी क्रम में अब वे राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं और इसी उद्देश्य से इस बार चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
जनता के साथ पहले की तरह रहेगा संबंध: नीतीश कुमार

नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में यह भी भरोसा दिलाया कि राज्यसभा जाने के बाद भी जनता के साथ उनका संबंध पहले की तरह बना रहेगा. उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और प्रगति के लिए उनका संकल्प पहले की तरह जारी रहेगा और राज्य की जनता के साथ मिलकर विकसित बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा. नीतीश कुमार ने आगे कहा कि बिहार में जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा. उनके इस ऐलान के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि उनके राज्यसभा जाने के फैसले से राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

बिहार में बदलेगा सरकार का फॉर्मूला

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से बिहार में एनडीए सरकार का मौजूदा फॉर्मूला उलट सकता है. अभी बिहार में सरकार का ढांचा ऐसा है कि जेडीयू का मुख्यमंत्री है और भाजपा के दो डिप्टी सीएम हैं. लेकिन, नए संभावित फॉर्मूले में तस्वीर बदल सकती है. चर्चाओं के अनुसार भविष्य में भाजपा का मुख्यमंत्री और जेडीयू के दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला लागू किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में यह एक बड़ा बदलाव माना जाएगा.

सीएम की रेस में कौन-कौन?

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए कई नाम सामने आ रहे हैं. इनमें सबसे प्रमुख नाम मौजूदा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का माना जा रहा है. इसके अलावा जेडीयू की ओर से निशांत कुमार और वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी के नाम भी चर्चा में हैं, जिन्हें संभावित डिप्टी सीएम के तौर पर देखा जा रहा है. अगर मुख्यमंत्री पद खाली होता है तो सम्राट चौधरी की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह बिहार विधानसभा में भाजपा का संख्या बल है. भाजपा के पास करीब 89 विधायक हैं, जिससे वह एनडीए में सबसे बड़ी पार्टी है. ऐसे में मुख्यमंत्री पद पर भाजपा का दावा स्वाभाविक माना जा रहा है. सम्राट चौधरी फिलहाल राज्य के डिप्टी सीएम हैं और उनके पास वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास और गृह जैसे अहम विभाग हैं. उन्हें संगठन और सरकार दोनों में मजबूत नेता माना जाता है.

उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी मजबूत रही है. उनके पिता सकुनी चौधरी बिहार की राजनीति के दिग्गज नेताओं में गिने जाते थे, जो कई बार विधायक और सांसद रहे. सम्राट चौधरी ने 1999 में आरजेडी से अपनी राजनीति शुरू की थी और राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री भी रहे. बाद में वे जेडीयू और फिर भाजपा में शामिल हो गए. 2023 में उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और बाद में वे राज्य के डिप्टी सीएम बने.

BJP कर सकती हैरान!

हालांकि सम्राट चौधरी अगर सीएम नहीं बनते हैं, तो बीजेपी किसी अन्य पिछड़े चेहरे को बतौर सीएम लांच कर सकती है. सूत्रों के अनुसार बीजेपी बिहार में किसी महिला को भी सीएम बना सकती है. बीजेपी अक्सर चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है. ऐसे में बीजेपी अगर बिहार से किसी ऐसे चेहरे को सीएम बना दें, जिसकी कहीं दूर-दूर चर्चा भी नहीं रही तो हैरानी की बात नहीं होगी. गृह मंत्री अमित शाह आज नितिन नवीन के नॉमिनेशन में शामिल होने के लिए पटना पहुंच रहे हैं. ऐसे में आज अमित शाह पटना में बिहार बीजेपी के सीनियर लीडर्स के साथ बैठक कर बड़ा निर्णय ले सकते हैं.

निशांत कुमार का नाम भी चर्चा में

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी इन दिनों राजनीतिक हलकों में चर्चा में है. हालांकि मुख्यमंत्री बनने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है, लेकिन उन्हें डिप्टी सीएम के तौर पर देखा जा रहा है. निशांत कुमार अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं और उनका कोई चुनावी अनुभव भी नहीं है। लेकिन हाल के दिनों में जेडीयू के पोस्टरों, होली कार्यक्रमों और पार्टी नेताओं के बयानों के बाद उनके राजनीति में आने के संकेत मिलने लगे हैं. वे हाल में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और पारिवारिक आयोजनों में भी नजर आए हैं, जिससे यह अटकलें तेज हुई हैं कि जेडीयू उन्हें भविष्य के नेता के तौर पर तैयार कर रही है.

विजय चौधरी भी अहम चेहरा

जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी का नाम भी संभावित डिप्टी सीएम के तौर पर लिया जा रहा है। उन्हें पार्टी का अनुभवी और भरोसेमंद चेहरा माना जाता है. विजय चौधरी लंबे समय से जेडीयू की राजनीति में सक्रिय हैं और सरकार में कई महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं. इसलिए अगर नया सत्ता फॉर्मूला बनता है तो वे भी अहम भूमिका में नजर आ सकते हैं.

सियासी समीकरण और चुनावी रणनीति

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा और जेडीयू दोनों ही अपने-अपने सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं. अगर भाजपा का मुख्यमंत्री और जेडीयू के दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला लागू होता है, तो इससे गठबंधन के अंदर शक्ति संतुलन भी बनाए रखने की कोशिश होगी. हालांकि फिलहाल इन सभी चर्चाओं पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. जेडीयू की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे या नहीं. लेकिन इतना तय है कि राज्यसभा चुनाव और संभावित राजनीतिक बदलावों को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की सत्ता का पूरा समीकरण बदल सकता है और राज्य को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है. आने वाले कुछ दिनों में होने वाले फैसले बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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