तेहरान: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की ओर से एक बार फिर तीखा बयान सामने आया है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान अपने लोगों के खून का हिसाब जरूर लेगा। उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने का फैसला जारी रहेगा और ईरान किसी भी शहादत को भूलने वाला नहीं है।
मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि हालिया हमलों में मारे गए ईरानी नागरिकों और सैनिकों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि हर शहीद के खून का बदला लिया जाएगा और दुश्मनों को इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने खास तौर पर मिनाब में मारे गए लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खून का हिसाब जरूर लिया जाएगा।
उन्होंने ईरानी सेना की सराहना करते हुए कहा कि सेना मजबूती के साथ देश की रक्षा कर रही है और दुश्मनों के हमलों का करारा जवाब दे रही है। खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, ईरान उनके साथ खड़ा है और उनके सब्र के लिए दुआ करता है।
अपने संबोधन में उन्होंने पड़ोसी देशों से भी अपील की कि वे अपनी जमीन से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को खत्म करें। उनका कहना था कि ईरान ने किसी पड़ोसी देश पर हमला नहीं किया है, बल्कि उन जगहों को निशाना बनाया गया है जहां से ईरान के खिलाफ हमले किए जा रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर दुश्मन ईरान को हुए नुकसान की भरपाई नहीं करता है तो ईरान उसके खिलाफ कड़े कदम उठाएगा। खामेनेई ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर दुश्मन की संपत्तियों पर कब्जा किया जा सकता है या उन्हें तबाह भी किया जा सकता है।
अपने बयान के अंत में मुज्तबा खामेनेई ने रेजिस्टेंस फ्रंट के लड़ाकों का धन्यवाद किया और कहा कि इस मोर्चे से जुड़े देश और समूह ईरान के सबसे भरोसेमंद सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ लड़ाई में ये सहयोगी ईरान के साथ मजबूती से खड़े हैं।













