झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: प्लास्टिक के गैलन में पेट्रोल ले जाने के दौरान सड़क दुर्घटना में आग लगने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत के मामले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने रविवार को जांच की। उन्होंने लोटो स्थित पेट्रोल पंप पहुंचकर कर्मियों से पूछताछ की तथा ओबरा गांव जाकर मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों से भी घटना की विस्तृत जानकारी ली।
गौरतलब है कि 11 मार्च को ओबरा निवासी 52 वर्षीय शंभू प्रसाद गुप्ता पेट्रोल पंप से प्लास्टिक के गैलन में पेट्रोल लेकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक चारपहिया वाहन की चपेट में आने से उनकी मोपेड दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना के बाद गैलन में रखे पेट्रोल में आग लग गई, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अवैध खुदरा बिक्री की मिली जानकारी
एसडीएम जब ओबरा गांव पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर गांव में खुदरा रूप से बेचने का काम किया करते थे। इस जानकारी को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू की।
पेट्रोल पंप कर्मियों से पूछताछ
एसडीएम संजय कुमार ने लोटो स्थित संबंधित पेट्रोल पंप पर पहुंचकर कर्मियों से घटना के बारे में पूछताछ की और पेट्रोल बिक्री से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप संचालकों को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि प्लास्टिक के गैलन या असुरक्षित बर्तनों में पेट्रोल की बिक्री नहीं की जाए, इसके बावजूद ऐसा किया जाना नियमों का उल्लंघन है।

हालांकि पेट्रोल पंप प्रबंधन यह मानने को तैयार नहीं है कि उक्त पेट्रोल उनके यहां से खरीदा गया था। इस पर एसडीएम ने घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज की मांग की है।
हर पहलू से हो रही जांच
एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से की अपील
एसडीएम ने आम लोगों से अपील की कि पेट्रोल और एलपीजी जैसे ज्वलनशील पदार्थों का अवैध कारोबार न करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि छोटे लाभ के लालच में कई बार बड़ी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।














