काठमांडू: नेपाल के गंडकी प्रांत के गोरखा जिले में शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मनकामना मंदिर से दर्शन कर लौट रहे भारतीय तीर्थयात्रियों से भरी एक माइक्रोबस करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 9 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में सात भारतीय और बस का चालक और उसका सहायक (नेपाली) शामिल हैं।
मनकामना मंदिर से लौटते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार तीर्थयात्रियों को लेकर माइक्रोबस मनकामना मंदिर से तनहुन जिले के अंबुखैरेनी क्षेत्र की ओर जा रही थी। इसी दौरान पहाड़ी रास्ते पर एक तीखे मोड़ पर चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया। सड़क संकरी होने और ढलान अधिक होने के कारण बस सीधे खाई में जा गिरी।
बताया जा रहा है कि दुर्घटना के समय बस तेज रफ्तार में ढलान से नीचे उतर रही थी। अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाया और बस करीब 200 फीट नीचे जा गिरी।
स्थानीय लोगों और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और बचाव कार्य शुरू किया। नेपाल पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर खाई में उतरकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। देर रात तक राहत और बचाव अभियान जारी रहा।
पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घायलों का चितवन मेडिकल कॉलेज में इलाज
दुर्घटना में घायल यात्रियों को इलाज के लिए भरतपुर स्थित चितवन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस के मुताबिक बस में एक दर्जन से अधिक यात्री सवार थे।
मृतकों की हुई पहचान
इस हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों की पहचान मुथु कुमार (58), अनामालिक (58), मीनाक्षी (59), शिवगामी (53), विजयल (57), मीना (58) और तमिलरसी (60) के रूप में हुई है। मृतकों में दो महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं।
हादसे के कारणों की जांच जारी
प्राथमिक जांच में दुर्घटना की वजह तेज रफ्तार और पहाड़ी रास्ते का तीखा मोड़ बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि हादसे के अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है, ताकि दुर्घटना की सही वजह सामने आ सके। इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई।
भारतीय दूतावास ने जताया दुख
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है। दूतावास ने कहा कि वह नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और पीड़ितों व उनके परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।










