शुभम जायसवाल
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा): मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा श्री बंशीधर नगर अनुमंडल के नाम में ‘उंटारी’ शब्द जोड़ने के निर्णय का स्थानीय स्तर पर स्वागत किया जा रहा है। इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए विधायक अनंत प्रताप देव ने कहा कि यह फैसला जनभावनाओं और क्षेत्र के पारंपरिक इतिहास का सम्मान करता है।
गुरुवार को नगरगढ़ स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक ने कहा कि श्री बंशीधर मंदिर के नाम पर शहर का नामकरण होना गौरव की बात है, लेकिन ‘उंटारी’ शब्द को हटाया जाना कभी उचित नहीं था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किस कारण से इस ऐतिहासिक पहचान को हटाया गया था, जबकि इसका सीधा संबंध क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि ‘उंटारी’ शब्द को हटाना श्री बंशीधर मंदिर के इतिहास के साथ खिलवाड़ के समान था। विधायक ने बताया कि नगरगढ़ की राजमाता शिवमणि देवी को भगवान कृष्ण द्वारा स्वप्न में दर्शन देने की कथा इस क्षेत्र की आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विधायक अनंत प्रताप देव ने कहा कि ‘उंटारी’ इस क्षेत्र की पुरानी पहचान रही है और इसे राजनीतिक कारणों से हटाया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा इसे पुनः जोड़ना न केवल ऐतिहासिक सुधार है, बल्कि सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय पर कुछ लोगों को आपत्ति हो सकती है, लेकिन धार्मिक और ऐतिहासिक विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
इस मौके पर बाबा श्री बंशीधर सूर्य मंदिर ट्रस्ट के प्रधान ट्रस्टी राजेश प्रताप देव ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और इसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।
प्रेस वार्ता में मुक्तेश्वर पांडेय, अमरनाथ पांडेय, कामता प्रसाद, रजनीकांत मधुर, बाबूलाल दुबे, अमर राम, देवेंद्र सिंह, नीरज जायसवाल, अजय प्रसाद, मिंटू कुमार, सुधीर प्रसाद सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।












