नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को एक अहम घटनाक्रम में पहले चरण के दौरान निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसदों का सस्पेंशन रद्द कर दिया गया। ये सभी सांसद 4 फरवरी को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे। अब सर्वदलीय सहमति के बाद उन्हें सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति मिल गई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर सोमवार को सभी दलों के नेताओं की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में निलंबन खत्म करने पर सहमति बनी। साथ ही यह भी तय किया गया कि संबंधित सांसद आगे से सदन की मर्यादा बनाए रखेंगे और किसी भी तरह की आपत्तिजनक भाषा या व्यवहार से बचेंगे।
मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस के मुख्य सचेतक के सुरेश ने आसन से निलंबन समाप्त करने का अनुरोध किया और विपक्षी सांसदों के व्यवहार को लेकर खेद भी व्यक्त किया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने औपचारिक रूप से निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव पेश किया।
इस प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया, जिसके साथ ही सभी आठ सांसदों का सस्पेंशन समाप्त हो गया।
निलंबन से मुक्त किए गए सांसदों में हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पाडोले, एस वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस शामिल हैं।
इस मौके पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सभी दलों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य सदन की गरिमा और परंपराओं का पालन करेंगे। साथ ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा कि सदस्य एआई (AI) से निर्मित तस्वीरों का इस्तेमाल करने से बचें। इस संबंध में लोकसभा बुलेटिन में भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि विपक्षी सांसदों के निलंबन का मुद्दा पिछले कुछ समय से चर्चा में था और इसे लेकर राजनीतिक हलकों में बयानबाजी भी हो रही थी। अब सहमति के साथ निलंबन हटने से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने की उम्मीद जताई जा रही है।













