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चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के बाद बढ़ी शुभेंदु अधिकारी के घर की सुरक्षा

On: May 8, 2026 10:41 AM
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झारखंड वार्ता डेस्क

पूर्वी मिदनापुर। पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। घटना के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। पूर्वी मिदनापुर जिले के कांथी स्थित शुभेंदु अधिकारी के आवास ‘शांति कुंज’ की सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गई है। पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के साथ-साथ उनके भाई दिब्येंदु अधिकारी और सौमेंदु अधिकारी की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। उनकी सुरक्षा में केंद्रीय बलों के अलावा राज्य पुलिस के जवानों की भी तैनाती की गई है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से ‘शांति कुंज’ में आम लोगों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया है।

बताया जा रहा है कि अब दिब्येंदु अधिकारी और सौमेंदु अधिकारी के आवागमन के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ राज्य पुलिस की पायलट और स्काउट गाड़ियों की भी व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के बाद एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। शुभेंदु अधिकारी के कुछ अन्य करीबी सहयोगियों को भी विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।

गौरतलब है कि उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में अज्ञात हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की कार रोककर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। गोली उनके सीने और पेट में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई है।

भाजपा नेताओं ने इस हत्या को सुनियोजित हमला बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा नेअर्जुन सिंह और शंकुदेव पांडा ने घटना के लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं शुभेंदु अधिकारी ने इसे “पूर्व नियोजित और निर्मम हत्या” करार दिया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हमलावरों की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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