नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में ईद-उल-फितर से पहले तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। यह हालात हाल ही में दो समुदायों के बीच हुई झड़प और एक हिंदू युवक की मौत के बाद पैदा हुए हैं। स्थानीय स्तर पर माहौल को लेकर चिंता बढ़ी हुई है, जबकि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
मामले की शुरुआत 4 मार्च को हुई, जब एक 11 वर्षीय बच्ची द्वारा फेंका गया पानी से भरा गुब्बारा एक महिला को लग गया। इस मामूली विवाद ने जल्द ही दो अलग-अलग समुदायों के परिवारों के बीच झड़प का रूप ले लिया। इस घटना में घायल हुए 26 वर्षीय तरुण कुमार की चार दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इलाके में लगातार शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ बैठकें की जा रही हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ नेताओं और धार्मिक समूहों द्वारा ‘खून की होली’ खेलने जैसी धमकियां दिए जाने से तनाव और बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर भी नफरत फैलाने वाले कई पोस्ट और खुलेआम धमकियां सामने आई हैं। इलाके में लगे नफरती पोस्टरों ने स्थानीय लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी है।
परिवारों के पलायन की चर्चा
ईद के नजदीक आते ही कुछ मुस्लिम परिवारों द्वारा अस्थायी रूप से इलाके को छोड़ने की योजना बनाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि जिन लोगों से उनकी बातचीत हुई है, उनमें से किसी ने डर के कारण पलायन की पुष्टि नहीं की है।
इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दी है। याचिका में ईद के मद्देनजर संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए इलाके में पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की गई है।
द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पूरे इलाके को बैरिकेड कर दिया गया है और हर गली में अस्थायी बैरिकेड्स लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि त्योहार के दौरान इलाके में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।













