झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा। अवैध बालू उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को कोयल नदी के तटीय क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने स्वयं विभिन्न घाटों एवं नदी तटों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पिछले चार-पांच दिनों में बड़े पैमाने पर अवैध बालू उत्खनन के साक्ष्य मिले, जिससे प्रशासन भी चौंक गया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम के पहुंचने की सूचना मिलते ही एक बालू ट्रैक्टर चालक ट्रॉली नदी किनारे छोड़कर केवल ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने इसे अवैध कारोबारियों की घबराहट का संकेत बताया। मेढ़ना-लापो क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर हुए अवैध उत्खनन को देखते हुए साक्ष्य जुटाने के लिए टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कराई गई। फुटेज में बड़ी संख्या में बालू लदे ट्रैक्टरों की पहचान की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित लोगों के खिलाफ जुर्माना, वाहन जब्ती और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने 17 मई को टोल प्लाजा के समीप हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना की भी जांच की। सीसीटीवी फुटेज में नीले रंग के बालू लदे ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने टक्कर स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना को गंभीर बताते हुए एसडीएम ने कहा कि अवैध बालू ढुलाई में लगे ट्रैक्टर आम लोगों की जान के लिए खतरा बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद रात के समय तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी कर बालू ढुलाई की जा रही है। अधिकांश ट्रैक्टर चालक नशे की हालत में वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। प्रशासन अब ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा।
एसडीएम संजय कुमार ने यह भी कहा कि अवैध खनन और परिवहन के इस पूरे नेटवर्क में कुछ स्थानीय पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में लापरवाही या संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध बालू कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।














